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4 मार्च को है महाशिवरात्रि, लाभ पाने के लिए इस शुभ मुहूर्त और विधि से करें पूजा
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के लिए खास उत्सव का आयोजन किया जाता है। शिव साधकों के लिए ये पर्व बेहद खास होता है। यूं तो शिवरात्रि हर महीने आती है लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली शिवरात्रि 'महाशिवरात्रि' के नाम से जानी जाती है।

ये दिन इसलिए खास है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस खास दिन पर शिव और पार्वती का विवाह हुआ था और इस रात शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। इस साल यानि 2019 में महाशिवरात्रि का पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। इस साल शिव पूजन शुभारंभ करने का शुभ विशेष मुहूर्त प्रातः 6 बजकर 43 मिनट से शाम 4 बजकर 18 मिनट तक सर्वार्थ योग में है।
इस दिन की मान्यता इतनी ज्यादा है कि कहा जाता है कि भगवान शिव पर एक लोटा जल चढ़ा देने भर से वो प्रसन्न हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

बने रहा है दुर्लभ संयोग
इस बार महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ रहा है। सोमवार का दिन भगवान शिव और उनकी जटाओं में विराजमान चंद्रमा से जुड़ा हुआ है। इस वजह से महाशिवरात्रि का महत्व काफी बढ़ जाता है।
इस साल महाशिवरात्रि के मौके पर नक्षत्रों में श्रेष्ठ श्रवण नक्षत्र का संयोग बना है। इस नक्षत्र में शिव शंकर की पूजा करना काफी शुभ और फलदायी माना जाता है।
इतना ही नहीं, इस बार शिवरात्रि पर शिव योग बनने वाला है। शिव योग भोलेनाथ की पूजा के लिए बेहद उत्तम माना जाता है।
इन सबके अलावा चौथा संयोग भी बना है। इस बार महाशिवरात्रि के मौके पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना है जो हर तरह के शुभ कर्मों को कामयाब बनाने वाला होता है।

भगवान शिव को हैं ये चीजें पसंद
यूं तो भोले बाबा स्वच्छ मन से चढ़ाए सिर्फ लोटा भर जल से खुश हो जाते हैं। मगर शिव को प्रिय ऐसी कुछ चीजें हैं जो आप अपनी पूजा के दौरान शामिल कर सकते हैं। आप भांग, धतूरा, बेलपत्र, गन्ने का रस, शहद, दूध, दही, घी, पंचामृत, गंगा जल, दूध मिश्रित शक्कर अथवा मिश्री का उपयोग अपनी पूजा में कर सकते हैं। साथ ही आप ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करते रहें।

भूल कर भी इन चीजों को पूजा में ना करें शामिल
अगर आप महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस बात की जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि उन्हें पूजा में क्या चीजें पसंद हैं और क्या नहीं। पूजा में भूले से भी सफ़ेद रंग के केतकी के फूल ना चढ़ाएं। पूजा के समय काले रंग के कपड़े धारण ना करें। शिवजी को काले वस्त्र पसंद नहीं है। नीलकंठ की पूजा के दौरान शंख से जल और तुलसी ना चढ़ाएं। भगवान शिव का अभिषेक नारियल पानी से भी नहीं किया जाता है।

महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा
भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं।
आठ लोटा केसर मिला हुआ जल चढ़ाएं।
पूरी रात दीपक जलाएं।
चंदन से तिलक लगाएं।
उन्हें तीन बेलपत्र, भांग-धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिठाई, मीठा पान, इत्र और दक्षिणा चढ़ाएं।
अंत में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें।
पूजा में ये सभी चीजें चढ़ाते हुए ॐ नमो भगवते रूद्राय, ॐ नमः शिवाय रूद्राय् शम्भवाय् भवानीपतये नमो नमः मंत्र का जाप करें।



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