Latest Updates
-
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
कम ही लोगों को पता है नवरात्रि के खास प्रभावशाली बीज मंत्र, इस साल आप जरूर करें इनका जाप
हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है। इस दौरान लोग व्रत रखते हैं और माता की पूजा अर्चना में समय बिताते हैं। कई भक्त इस दौरान पूरे नौ दिनों तक कलश की स्थापना करते हैं और अखंड ज्योत जलाते हैं। हर व्यक्ति माता को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए प्रयास करता है। मां अपने जिस भक्त पर प्रसन्न हो जाती है उनके घर में सुख और शांति का वास रहता है।

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग अलग रूपों की आराधना की जाती है। माता के रूप के अनुसार उनकी पसंद का भोग चढ़ाया जाता है। मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों के लिए नौ बीज मंत्र भी हैं। ये बीज मंत्र कल्याणकारी और प्रभावी माने जाते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि मंत्रों का जाप करते समय आप कोई गलती न करें।

पहला दिन
नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापन के बाद मां के सबसे पहले रूप माता शैलपुत्री की पूजा होती है। इस दिन आप ह्रीं शिवायै नम: का जाप करें।

दूसरा दिन
दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। आप सुबह और शाम ह्रीं श्री अम्बिकायै नम: मंत्र का जाप करें।

तीसरा दिन
तीसरे दिन माता के चंन्द्रघण्टा रूप को पूजा जाता है। इस दिन आप ऐं श्रीं शक्तयै नम: का जाप करें।

चौथा दिन
नवरात्रि का चौथा दिन माता कूष्मांडा को समर्पित होता है। इस दिन आपके लिए ऐं ह्री देव्यै नम: का जाप लाभकारी रहेगा।

पांचवा दिन
इस दिन स्कंदामाता की विधिपूर्वक पूजा करें और उनके बीज मंत्र ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम: का जाप करें।

छठा दिन
नवरात्रि की षष्ठी को मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम: का जाप करें।

सांतवा दिन
मां कालरात्रि की पूजा नवरात्र के सांतवें दिन होती है। माता का आशीर्वाद पाने के लिए आप क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम: का जाप करें।

आठवां दिन
आठंवे दिन महागौरी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन मां की पूजा के समय श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम: मंत्र का जाप करें।

नौवां दिन
कई भक्त अष्टमी और अधिकतर लोग नवमी के दिन अपना व्रत खोलते हैं और इस दिन कंजक भी बैठाते हैं। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है। आप ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम: मंत्रों का जाप करें।



Click it and Unblock the Notifications
