Latest Updates
-
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट -
World Earth Day 2026 Quotes: धरती हमारी, जिम्मेदारी हमारी...पृथ्वी दिवस पर ये संदेश भेजकर फैलाएं जागरूकता -
वादियों में अब सन्नाटा है...Pahalgam हमले की पहली बरसी इन शायरियों और संदेशों से दें शहीदों को श्रद्धांजलि -
Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल, गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि -
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत
कम ही लोगों को पता है नवरात्रि के खास प्रभावशाली बीज मंत्र, इस साल आप जरूर करें इनका जाप
हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है। इस दौरान लोग व्रत रखते हैं और माता की पूजा अर्चना में समय बिताते हैं। कई भक्त इस दौरान पूरे नौ दिनों तक कलश की स्थापना करते हैं और अखंड ज्योत जलाते हैं। हर व्यक्ति माता को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए प्रयास करता है। मां अपने जिस भक्त पर प्रसन्न हो जाती है उनके घर में सुख और शांति का वास रहता है।

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग अलग रूपों की आराधना की जाती है। माता के रूप के अनुसार उनकी पसंद का भोग चढ़ाया जाता है। मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों के लिए नौ बीज मंत्र भी हैं। ये बीज मंत्र कल्याणकारी और प्रभावी माने जाते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि मंत्रों का जाप करते समय आप कोई गलती न करें।

पहला दिन
नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापन के बाद मां के सबसे पहले रूप माता शैलपुत्री की पूजा होती है। इस दिन आप ह्रीं शिवायै नम: का जाप करें।

दूसरा दिन
दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। आप सुबह और शाम ह्रीं श्री अम्बिकायै नम: मंत्र का जाप करें।

तीसरा दिन
तीसरे दिन माता के चंन्द्रघण्टा रूप को पूजा जाता है। इस दिन आप ऐं श्रीं शक्तयै नम: का जाप करें।

चौथा दिन
नवरात्रि का चौथा दिन माता कूष्मांडा को समर्पित होता है। इस दिन आपके लिए ऐं ह्री देव्यै नम: का जाप लाभकारी रहेगा।

पांचवा दिन
इस दिन स्कंदामाता की विधिपूर्वक पूजा करें और उनके बीज मंत्र ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम: का जाप करें।

छठा दिन
नवरात्रि की षष्ठी को मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम: का जाप करें।

सांतवा दिन
मां कालरात्रि की पूजा नवरात्र के सांतवें दिन होती है। माता का आशीर्वाद पाने के लिए आप क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम: का जाप करें।

आठवां दिन
आठंवे दिन महागौरी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन मां की पूजा के समय श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम: मंत्र का जाप करें।

नौवां दिन
कई भक्त अष्टमी और अधिकतर लोग नवमी के दिन अपना व्रत खोलते हैं और इस दिन कंजक भी बैठाते हैं। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है। आप ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम: मंत्रों का जाप करें।



Click it and Unblock the Notifications











