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नवरात्रि 2020: इस दिन होगा दुर्गा अष्टमी पूजन, जानें मुहूर्त-पूजा विधि तथा मंत्र
नवरात्रि नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव है। इस दौरान माता के अलग अलग रूपों की पूजा तथा आराधना की जाती है। साल 2020 में शारदीय नवरात्रि का पर्व उस समय आया है जब देश और दुनिया कोरोना जैसे संकट में है।

इस महामारी के कारण त्योहार का रंग फीका तो पड़ा है मगर लोगों की आस्था में किसी तरह की कमी नहीं आयी है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के समय में माता दुर्गा धरती पर आती हैं और अपने भक्तों का कल्याण करती हैं। इस लेख के माध्यम से जानते हैं इस साल अष्टमी किस दिन रहेगी और इस तिथि का क्या महत्व है।

अष्टमी के दिन महागौरी की पूजा
नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है। यह मां दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं। इस दिन को महाष्टमी या दुर्गाष्टमी के नाम से जाना जाता है। माता पार्वती ने कई वर्षों तक तपस्या की थी और उसके बाद भगवान शिव ने उन्हें गौर वर्ण का वरदान दिया था। इस वजह से वह महागौरी भी कहलायी जाती हैं। महागौरी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

साल 2020 में अष्टमी पूजा की तिथि और मुहूर्त
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 23 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर
अष्टमी तिथि समाप्त: 24 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 58 मिनट पर

अष्टमी के दिन कन्या पूजन
छोटी कन्याओं को माता का ही रूप समझा जाता है। नवरात्रि के समय में इनकी विशेष पूजा की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन अर्थात अष्टमी पर कुंवारी कन्याओं को पूजने और भोजन कराने की परंपरा है। अष्टमी के अलावा कई लोग नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। माना जाता है कन्याओं की सेवा करने से माता प्रसन्न होती हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है।

अष्टमी के दिन महागौरी की पूजा करने की विधि
महागौरी की पूजा करने के लिए भक्त पीले रंग के वस्त्र धारण करे। माता के सामने दीप जलाएं। अब उनका ध्यान करें। माता गौरी को सफेद या पीले रंग के फूल चढ़ाएं औऱ उनके मंत्रों का जाप करें। इसके बाद मध्य रात्रि में इनकी पूजा करें।

अष्टमी के विशेष मंत्र
मां महागौरी बीज मंत्र
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।
महागौरी मंत्र
1. माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना।
श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।।
2. ओम देवी महागौर्यै नमः।



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