Latest Updates
-
Restaurant Style Baby Corn Masala Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा स्वादिष्ट बेबी कॉर्न मसाला -
Train Washroom Rule: भूलकर भी इस समय न करें ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल, वरना सफर में होगी बड़ी दिक्कत -
गर्मियों में कम बजट में घूमने के लिए बेस्ट हैं भारत की ये 9 जगहें, परिवार के साथ बनाएं ट्रिप का प्लान -
फेमस शेफ पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: क्या पुरुषों को भी हो सकती है यह बीमारी? जानें लक्षण और बचाव -
Jackfruit Side Effects: इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए कटहल, वरना शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर -
Amritsar Style Pindi Chole Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा चटपटा स्वाद -
Rule Change 1st June 2026: 1 जून से आम आदमी को बड़ा झटका! जानिए क्या होगा महंगा और क्या सस्ता -
Bakrid Mubarak Wishes for Saas-Sasur: बकरीद पर अपने सास-ससुर को भेजें दिल छू लेने वाले मुबारकबाद संदेश -
Desert Style Ker Sangri Recipe: राजस्थान का पारंपरिक और चटपटा स्वाद अब घर पर पाएं -
Eid Mubarak Wishes For love: ऐ चांद, तू उनको मेरा पैगाम देना...बकरीद पर पार्टनर को भेजें ये 25+ रोमांटिक मैसेज
क्या सच में मरने के बाद भटकती है आत्मा? Premanand Maharaj से जानें रहस्य का सच
Premanand Maharaj Reveal Secret After Death: हर व्यक्ति के दिमाग में एक सवाल जरूर होता है कि मरने के बाद आत्मा का क्या होता है? क्या आत्मा वास्तव में भटकती है या यह केवल धार्मिक मान्यता और भय का हिस्सा है? मगर इस सवाल के जवाब ने हमेशा कंफ्यूजन बनाया हुआ है। हालांकि शास्त्रों में बताया गया है कि इंसान को उसके कर्मों के आधार पर मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आध्यात्मिक गुरू प्रेमानंद महाराज ने इस रहस्य से पर्दा उठाया और बताया कि आखिर मरने के बाद आत्मा का क्या होता है और वो कौन लोग हैं जिनकी आत्मा भटकती है उन्हें मुक्ति नहीं मिलती है। आइए आप भी जान लीजिए...

किन लोगों की भटकती है आत्मा?
प्रेमानंद महाराज ने बताया कि किन लोगों की आत्मा भटकती है और वो भूत-प्रेत बनते हैं। महाराज जी ने बताया कि जो लोग इस जीवन का महत्व नहीं समझते और आत्महत्या कर लेते हैं उनकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है। ऐसा माना जाता है कि वो लोग शास्त्रों की निंद करते हैं और इसलिए उनकी आत्मा भटकती रहती है जो उन्हें सजा के रूप में भूगतना पड़ता है।

आत्मा अमर है, शरीर नश्वर
प्रेमानंद जी के अनुसार, आत्मा का कोई नाश नहीं होता, वह सिर्फ शरीर त्यागती है और अपने अगले गंतव्य की ओर अग्रसर होती है। श्रीमद्भगवद्गीता में भी कहा गया है: "न जायते म्रियते वा कदाचित्..." - आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है। उनका कहना है कि किसी भी परेशानी का हल आत्महत्या करना नहीं होता है। जो लोग ऐस कदम उठाते हैं वो कायर होते हैं यही वजह है कि भगवान की ओर से उन्हें सजा दी जाती है और आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।

भटकती आत्मा का अर्थ क्या है?
महाराज जी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की अचानक या आकस्मिक मृत्यु हो जाती है या वो आत्महत्या कर लेता है। मगर मोह सांसारिक चीजों से बहुत अधिक होता है, तब उसकी आत्मा कुछ समय के लिए असमंजस में रहती है। ऐसे मामलों में आत्मा को 'भटकती' हुई कहा जाता है।
आत्मा की शांति के लिए क्या करें?
नियमित गीता या रामचरितमानस का पाठ करें।
तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करें।
ब्रह्मज्ञानी संतों का सत्संग सुनें।
ध्यान और जाप के माध्यम से आत्मा के लिए प्रार्थना करें।



Click it and Unblock the Notifications