सावन माह की हुई शुरुआत, किसी भी भूल से बचने के लिए जान लें ये जरुरी बातें

श्रावण मास को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना गया है। महादेव की उपासना करने और उनकी शीघ्र कृपा पाने के लिए ये महीना सबसे उत्तम है। साल 2020 में सावन महीने का आरंभ 6 जुलाई से हो रहा है। इस बार सावन माह की खास बात ये है कि इसकी शुरुआत और इसका अंत दोनों ही सोमवार के दिन होगा। जानते हैं सावन के महीने से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में।

सावन माह में शिव भक्ति का महत्व

सावन माह में शिव भक्ति का महत्व

देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस समय भगवान शिव पूरी सृष्टि की देखरेख करते हैं। यही वजह है कि सावन माह में लोग शिव आराधना करके उनकी कृपा पाते हैं। भगवान शिव व्यक्ति के जीवन में आ रही हर तरह की समस्या का निवारण करते हैं। श्रावण मास में शिव पूजन करने से विवाह से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती हैं। अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित कन्याएं सावन माह से ही सोलह सोमवार का व्रत शुरू करती हैं।

इस साल सावन में 25 से ज्यादा शुभ योग

इस साल सावन में 25 से ज्यादा शुभ योग

सावन माह की शुरुआत और समापन सोमवार के साथ होने के अलावा और भी कई विशेष योग इस साल बन रहे हैं। इस बार सावन माह में 5 सोमवार आएंगे। शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि का क्षय होने के कारण सावन माह 29 दिन का होगा। इस वर्ष श्रावण मास में 11 सर्वार्थसिद्धि, 3 अमृतसिद्धि और 12 दिन रवियोग होंगे और इस तरह भक्तों को 25 से ज्यादा शुभ योग मिलेंगे। ऐसी मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

Sawan 2020 : 558 साल बाद बन रहा है ऐसा है दुर्लभ योग । Sawan Month 2020 । Boldsky
साल 2020 में सावन के सोमवार की तिथियां

साल 2020 में सावन के सोमवार की तिथियां

सावन का पहला सोमवार - 06 जुलाई 2020

सावन का दूसरा सोमवार - 13 जुलाई 2020

सावन का तीसरा सोमवार - 20 जुलाई 2020

सावन का चौथा सोमवार - 27 जुलाई 2020

सावन का पांचवा सोमवार - 03 अगस्त 2020

शिव पूजा में रखें इन बातों ख्याल

शिव पूजा में रखें इन बातों ख्याल

भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उन्हें बस एक लोटा शुद्ध जल श्रद्धापूर्वक चढ़ा दें। भोलेबाबा उसमें ही खुश हो जाएंगे। आप चाहें तो बिल्व पत्र अर्थात बेल का पत्ता चढ़ाएं। आप दूध, दही, गंगाजल और शहद से भी उनका अभिषेक कर सकते हैं। शिवलिंग पर पीतल या कांसे के बर्तन से ही जल चढ़ाना चाहिए।

महादेव की पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल न करें और न ही तुलसी पत्ता शिवजी को चढ़ाएं। शिवलिंग पर नारियल का पानी भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

सावन में भगवान शिव की पूजा के लिए सामग्री

सावन में भगवान शिव की पूजा के लिए सामग्री

भगवान शिव को यूं ही भोले बाबा नहीं कहा जाता है। सच्चे मन से पूजा करने वाले हर भक्त को कैलाशपति शिव का आशीर्वाद मिलता है। उनकी पूजा में तरह तरह के स्वादिष्ट पकवान या प्रसाद चढ़ाने की आवश्यकता नहीं होती है। भोलेनाथ की पूजा में आप शुद्ध जल, दूध, दही, फूल, बेल के पत्ते, दूर्वा घास, धतूरा और भांग आदि शामिल कर सकते हैं।

शिव पूजा विधि

शिव पूजा विधि

भगवान शिव की पूजा करना सबसे आसान माना गया है। सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं। स्नानादि करके साफ वस्त्र पहन लें। घर के पास शिव मंदिर जाएं और वहां गंगाजल तथा दूध से उनका अभिषेक करें। भगवान शिव पर सभी पूजा सामग्री अर्पित कर दें और उनके मंत्रों का जप करें।

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