भाद्रपद पूर्णिमा का दिन इतना खास क्‍यूं है?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्र महीने के पूर्णिमा के दिन भाद्रपद पूर्णिमा मनाई जाती है। भद्रा महीना श्रावन और कौर के बीच में आता है। भारत में यह महीना मॉनसून के खतम होने के रूप में देखा जाता है। हिंदू कैलेंडर के हर महीने में एक पूर्णिमा और एक अमावस्‍या जरुर आती है।

हिंदू पौराणिक कथाओं में पूर्णिमा का बहुत ज्‍यादा महत्‍व है। और भाद्रपद पूर्णिमा की रात का तो बससे ज्‍यादा महत्‍व होता है। यहां कुछ विशेष बिंदु दिये हुए हैं, जिससे पता चलता है कि भ्राद्रपद पूर्णिमा का दिन इतना खास क्‍यूं है। MUST READ: कलावा बांधने का वैज्ञानिक राज

Significance Of The Bhadrapad Purnima

भाद्रपद पूर्णिमा का दिन इतना खास क्‍यूं है

भगवान विष्‍णु जी का महीना
भद्रा माह भगवान विष्णु के लिए विशेष माना जाता है। यही कारण है कि इस पूर्णिमा की रात को भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है। विष्‍णु के सत्‍यनारायण रूप की पूजा की जाती है।

सत्यनारायण

बहुत से लोग भद्र महीने के इस दिन पर अपने घरों में सत्‍यनारायण की पूजा करवाते हैं। ग्रह प्रवेश के लिये यह दिन बड़ा ही शुभ माना जाता है। भगवान सत्यनारायण के प्रसाद के रूप में फल, दूध, शहद और चीनी चढ़ाया जाता है और कथा सुनाई जाती है। अगर आपको सत्‍यनारयण की कथा में बुलाया जाए तो उसे कभी मना नहीं करना चाहिये, भले ही आप कितने व्‍यस्‍त हों।

पवित्र स्‍नान
आप भाद्रपद पूर्णिमा के दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं। इससे आपको भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

दान पुण्‍य
यह दिन दान देने के लिये बहुत अच्‍छा माना जाता है। माना जाता है कि पवित्र नदी में स्‍नान करने के बाद यदि आप जरुरतमंद को कपड़े, खाने और पैसे दें, तो आप को अच्‍छे कर्म हासिल होंगे।

Story first published: Tuesday, September 9, 2014, 13:39 [IST]
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