Latest Updates
-
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब
क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का त्योहार, आज से हो चुका है शुरु, जानिए
दिवाली त्योहार खत्म हो चुका है इसके बाद भाई दूज का त्योहार और गोबर्धन पूजा भी खत्म हो चुका है। अब आज से छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। इस पूजा में भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। छठ पूजा भारत में भगवान सूर्य की उपासना का सबसे प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है।
इस त्योहार को षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है, जिस कारण इसे सूर्य षष्ठी व्रत या छठ कहा गया है। यह त्योहार एक साल में दो बार मनाया जाता है पहली बार चैत्र महीने में और दूसरी बार कार्तिक महीने में। हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्लपक्ष की षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ त्योहार को चैती छठ कहा जाता है जबकि कार्तिक शुक्लपक्ष की षष्ठी पर मनाए जाने वाले इस त्योहार को कार्तिक छठ कहा जाता है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में यह त्योहार काफी लोकप्रिय पर्व है। इस त्योहार को मनाने के पीछे मुख्य कारण अपने परिवार की खुशी और मनचाहे फल की प्राप्ति है। आइए जानते है छठ से पूजा से संबंधित कुछ बातें।

दिवाली के बाद सबसे बड़ा त्योहार है
आपको बता दें कि दिवाली भारत में सबसे ज्यादा धूमधाम से मनाया जाने वाला त्योहार है। दिवाली के बाद सबसे बड़ा त्योहार आता है छठ पूजा। इस पर्व को छठ, छठी, डाला छठ, डाला पूजा, सूर्य षष्ठी जैसे अनेक नामों से जाना जाता है। छठ का भोजपुरी में अर्थ होता है छठा दिन। इस दिन भी हम त्योहार की तरह सेलेब्रेट करते है।

कार्तिक के महीने में शुरु होता है
आपको बता दें कि छठ पूजा का त्योहार कार्तिक के महीने में मनाया जाता है। और ये लगातर सप्तमी तक चलता रहता है। मुख्य पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की छठी के दिन की जाती है। इस दौरान सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर उपासना की जाती है। इस दौरान इस तरह से आपको पूजा और आराधना करनी चाहिए।

क्यों मनाया जाता है ये त्योहार
आपको बता दें कि और ये छठ पूजा का त्योहार उनके लिए ही मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है।

सूर्य की भी होती है आराधना
हमारे देश में भगवान सूर्य को भी बहुत विशेष दर्जा दिया जाता है। आपको बता दें कि सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए इस दिन सूर्य की भी पूजा की जाती है। माना जाता है जो व्यक्ति छठ माता की इन दिनों पूजा करता है छठ माता उनकी संतानों की रक्षा करती हैं।

पूरे देश में होती है पूजा
आपको बता दें कि हर तरह के त्योहारों को मनाने के बाद छठ पूजा का भी अपना एक अलग महत्व होता है। इसको पूरे देश में धूम धाम से मनाया जाता है। इसके लिए लोग दिवाली से ही तैयारियां शुरु कर देते है।

4 दिन चलेगा ये त्योहार
हर बार की तरह इस बार भी ये त्योहार आज से शुरु होकर 4 दिन चलेगा। मतलब इस बार 2017 में ये त्योहार 24 अक्टूबर से लेकर 27 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इसलिए आप भी इसको मनाए और पूजा करके भगवान सूर्य को प्रसन्न करें।



Click it and Unblock the Notifications