Latest Updates
-
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर
Lathmar Holi: बरसाना में क्यों मनाई जाती है लट्ठमार होली, जानते है क्यों प्रसिद्ध है यहां की होली
होली रंगों का त्योहार है और भारत के अधिकतर हिस्सों में कई तरह से रंगों की होली खेली जाती है, लेकिन मथुरा के पास बरसाना की होली सबसे निराली होती है। जो पूरे दुनिया में बहुत अपनी भव्यता की वजह से फेमस हैं। बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाती है जो जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां जानिए बरसाना की लट्ठमार होली से जुड़ी खास बातें...


क्यों फेमस है बरसाने की होली
मथुरा के पास ही बरसाना है, जिसे राधाजी का जन्म स्थान माना जाता है। होली पर नंदगांव के लोग होली खेलने के लिए बरसाना आते हैं। ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले होली भगवान श्रीकृष्ण ने राधाजी के साथ होली खेली थी। इसलिए इस पूरे क्षेत्र में होली बड़ी ही धूमधाम से मनाई जाती है।

नंदगांव में रहते थे कृष्ण
यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार नंदगांव भगवान श्रीकृष्ण के पिता नंदराय ने बसाया था। इसी कारण इस गांव का नाम नंदगांव पड़ा है। गोकुल को छोड़कर नंदबाबा श्रीकृष्ण और सभी गांव वालों को लेकर नंदगांव आ गए थे।

लट्ठमार होली क्यों मनाते हैं?
राधा की जन्म भूमि बरसाना में यहां फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी पर नंदगांव के लोग होली खेलने के लिए आते है। बरसाने की महिलाएं इनसे लट्ठमार होली खेलती हैं और दशमी पर रंगों से होली खेली जाती है। इस परंपरा के बारे में कहा जाता है कि श्रीकृष्ण अपने सखाओं के साथ बरसाना होली खेलने आते थे। होली की मस्ती में राधा अपनी सखियों के श्रीकृष्ण और उनके साथियों पर डंडे बरसाती थीं। तभी से बरसाना में लट्ठमार होली की परंपरा चली आ रही है।

कहां-कहां खेली जाती है लट्ठमार होली
बरसाना के अलावा ही ये होली मथुरा, वृंदावन, नंदगांव में लठमार होली खेली जाती है। होली की मस्ती में महिलाएं हाथ में लाठियां लेकर पुरुषों को पीटना शुरू कर देती हैं जिसे लठ्ठमार होली कहते हैं। और पुरुष खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं। ये सब मारना-पीटना हंसना मजाक और होली का हिस्सा होता है।



Click it and Unblock the Notifications