गरीबी और दरिद्रता की देवी है अलक्ष्मी, जानें माता लक्ष्मी से क्या है इनका संबंध

हम सभी माता लक्ष्मी के बारे में जानकारी रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है उनकी एक बहन भी थीं, जिनका नाम अलक्ष्मी है। धन-धान्य की देवी के रूप में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वहीं इसके विपरीत गरीबी और दरिद्रता की देवी के रूप में अलक्ष्मी की पहचान है। मान्यताओं के अनुसार, देवी अलक्ष्मी को दुर्भाग्य के साथ जोड़ा जाता है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि देवी अलक्ष्मी कौन थीं, उनकी उत्पत्ति कैसे हुई और ये किस जगह पर वास करती हैं।

देवी अलक्ष्मी का जन्म

देवी अलक्ष्मी का जन्म

अमृत को पाने के लिए देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। इसमें अमृत के अलावा कई रत्न भी निकले थे। समुद्र मंथन से निकली माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु ने चुन लिया। इस मंथन में ही देवी अलक्ष्मी भी प्रकट हुई जो असुरी शक्तियों की शरण में चली गयीं। समुद्र मंथन से उत्पत्ति के कारण ही अलक्ष्मी को माता लक्ष्मी की बहन माना जाता है।

अलक्ष्मी का किससे हुआ था विवाह?

अलक्ष्मी का किससे हुआ था विवाह?

मान्यताओं के अनुसार, देवी अलक्ष्मी का विवाह उद्दालक नाम के मुनि से हुआ था। जब वह उनके साथ उनके आश्रम गईं तो वहां उन्होंने भीतर प्रवेश करने से मना कर दिया। इस बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि वो ऐसी जगह पर निवास करती हैं जहां गंदगी, कलह, अधर्म और कलेश रहता हो।

जानें किन स्थानों पर रहता है उनका वास

जानें किन स्थानों पर रहता है उनका वास

अलक्ष्मी को दरिद्रता और गरीबी की देवी माना गया है। ये उन घरों में वास करती हैं जहां गंदगी फैली रहती हो, लोग लड़ाई-झगड़े और आलस करते हों। इसके विपरीत वो उन घरों में प्रवेश नहीं करती हैं जहां साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता हो, सुबह उठकर लोग पूजा-अर्चना करते हों और आपस में मिलजुलकर रहते हों।

देवी अलक्ष्मी को खट्टी चीजें हैं प्रिय

देवी अलक्ष्मी को खट्टी चीजें हैं प्रिय

मान्यता है कि अलक्ष्मी देवी को तीखी और खट्टी चीजें प्रिय हैं। यही वजह है कि लोग घर और दुकानों के बाहर नींबू और मिर्ची टांगते हैं। ऐसा माना जाता है कि वो दरवाजे पर ही प्रिय चीजों का भोग करके वापस लौट जाती हैं।

देवी अलक्ष्मी से कैसे बचें?

देवी अलक्ष्मी से कैसे बचें?

जो जातक देवी अलक्ष्मी के प्रभाव से बचना चाहते हैं उन्हें घर की साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर में सदस्यों के बीच प्रेम और तालमेल का भाव होना चाहिए। माता लक्ष्मी की पूजा करें। माता लक्ष्मी की उल्लू पर बैठी हुई तस्वीर घर या दूकान पर ना रखें। माना जाता है कि ऐसी तस्वीर लक्ष्मी माता की चंचलता को बढ़ाती है और वो घर में नहीं ठहरती हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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