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दिवाली 2017 : इस दिवाली अमावस्या का कुछ खास है प्रभाव, जानना जरूरी है...
दिवाली वैसे तो हर बार अमावस्या में ही पड़ती है पर इस बार का कुछ खास योग है जो आपको सामने बन रहा है। इस त्योहार के अवसर पर घरों और दूकानों को सजाया-संवारा जाता है, उनकी साफ-सफाई की जाती है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा विशेष रुप से की जाती है।
हिन्दू धर्म के अनुसार दीपावली के दिन धन की देवी महालक्ष्मी के साथ विघ्न-विनाशक श्री गणेश की देवी मातेश्वरी सरस्वती देवी की भी पूजा-आराधना की जाती है। कहा जाता है कि कार्तिक मास की अमावस्या की आधी रात में देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं और हर घर में जाती हैं। जिस घर में स्वच्छता और शुद्धता होती है वह वहां निवास करती हैं। दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो बहुत सी वजहों से महत्वपूर्ण है।
अमावस्या की अंधियारी रात को रोशन करने के अलावा यह अध्यात्म की साधना करने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसे ऐतिहासिक कारणों से भी मनाया जाता है। दिवाली में अवावस्या का विशेष महत्व है आइए जानते इस बार आपको किन बातों का ध्यान रखना है।

क्या करता है अमवस्या का अंधेरा
इस दिवाली में अमावस्या का अंधेरा कुछ खास तरह के प्रभावों के साथ आने वाला है। इसबार का अमावस्या का अंधेरा स्त्री के लिए कुछ खास होगा। इसका मतलब यह है कि जब अंधेरा आता है, तो स्त्री प्रकृति तुरंत निराशा और अवसाद में घिर जाती है। जैसे ही अंधेरा होता है, स्त्री प्रकृति अवसाद में चली जाती है। वह चाहती है कि उसके आस-पास की हर चीज रोशन हो, वरना वह निराशा में चली जाती है। पुरुष अंधकार में बैठ सकते हैं, पुरुष प्रकृति अंधकार में बैठकर मनन कर सकती है। ऐसी मान्यता है कि अंधकार से घिरी घरती को रोशन करने के लिए माता दुर्गा के स्त्री रूप ने सभी दानवों का आज की रात वध किया था।

दिया नहीं ये है साधना
अगर आप सोचते है कि बस दिवाली में दिया जलाने का यूं कि चलन है तो ये आपकी गलतफहमी है। क्योंकि ये आप दिया नहीं जलाते है बल्कि आप इस दुनिया मे फैल बुराई को खत्म करते है जो कि अंधेरे के रूप में इस रात को फैली होती है।
दीपावली के दिन दिए जलाने की परम्परा को हम साधना के रूप में रूपांतरित कर सकते हैं। दियों के इस त्यौहार पर एक सरल साधना की जा सकती है। इस दिवाली में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये दिवाली कुछ खास है और अमावस्या का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।

इन लोंगों के लिए जलाए अमावस्या में दीपक
अगर आप किसी से बहुत प्रेम करते है तो ध्यान रखें कि पहला दिया उस व्यक्ति के लिए जिससे आप अथाह प्रेम करते हैं। इससे आपके प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
अगला यानि कि दूसरा दिया खुद अपने लिए इससे आप पर भी भगवान की कृपा होगी।
जाहिर सी बात है कि आपकी जिंदगी में कोई ना कोई ऐसा व्यक्ति जरूर होगा जिससे आप नफरत करते है तो उस तीसरा दिया उस व्यक्ति के जिससे आप घृणा करते हैं। इससे हो सकता है आपकी नफरत खत्म हो जाए।



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