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Vat Savitri Vrat Niyam: अखंड सौभाग्य और खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए वट सावित्री व्रत में न करें ये गलतियां
Vat Savitri Vrat Puja Rules: वट सावित्री व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। इस साल यह 6 जून 2024 को ज्येष्ठ अमावस्या को पड़ रहा है। उत्तर भारत में इसे ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाता है, जबकि दक्षिण भारत में इसे पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है।
इस व्रत के दौरान बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है, इसलिए इसे बरगद अमावस्या भी कहा जाता है। वट सावित्री व्रत रखने वाली महिलाओं को कई नियमों का भी खास ख्याल रखना होता है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि वट सावित्री व्रत के दिन क्या करना चाहिए और किन कामों की मनाही है।

वट सावित्री व्रत में क्या न करें (Vat Savitri Vrat Me Kya Na Kare)
1. इस दिन पति-पत्नी को बहस और झगड़ों से बचना चाहिए। पति-पत्नी दोनों के लिए एक-दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार करना महत्वपूर्ण है।
2. व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें। सहवास और मांस, मदिरा या तामसिक वस्तुओं के सेवन से बचें।
3. व्रत रखने वाले व्यक्ति को गलत कामों से बचना चाहिए। मन, वाणी और कर्म से पवित्रता के साथ व्रत का पालन करना चाहिए। दूसरों के प्रति घृणा या द्वेष से बचना चाहिए।
4. महिलाओं को अपने मेकअप या कपड़ों में काले, नीले और सफेद रंगों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसमें इन रंगों की चूड़ियाँ, साड़ी और बिंदी शामिल हैं।
5. यह व्रत अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। व्रत करने वाले को व्रत से पहले सोलह श्रृंगार करके आवश्यक तैयारी कर लेनी चाहिए।
वट सावित्री व्रत में क्या करें (Vat Savitri Vrat Me Kya Karna Chahiye)
1. व्रत के दिन महिलाओं को लाल, पीले और हरे रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। ये रंग शुभ माने जाते हैं। जैसे लाल या पीले रंग की साड़ी, हरी चूड़ियाँ और लाल बिंदी पहनें।
2. पति की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए बरगद के पेड़ की पूजा करें। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री को यमराज से 100 पुत्र और अखंड सौभाग्य का वरदान मिला था।
3. पूजा के दौरान बरगद के पेड़ पर कच्चा धागा लपेटकर सात बार पेड़ की परिक्रमा करें। भीगे हुए चने खाकर व्रत खोला जाता है।
4. पूजा करते समय वट सावित्री व्रत कथा सुनें, जो सावित्री और सत्यवान की कहानी है।
5. पूजा के बाद माता सावित्री और बरगद के पेड़ से सुखी वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद मांगें।
इन दिशानिर्देशों का पालन करने से वट सावित्री व्रत सफल हो सकता है, जिससे पति की लंबी आयु और सामंजस्यपूर्ण वैवाहिक जीवन सुनिश्चित हो सकता है।



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