Latest Updates
-
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023: इस दिन पूजा करने वालों पर होगी शिव व गणेश की विशेष कृपा, दूर होंगे कष्ट
अधिक मास या पुरुषोत्तम मास के दौरान किया गया धार्मिक कार्य या दान का कई गुना फल मिलता है। ऐसे में पुण्य अर्जित करने और अपने कष्ट दूर कर सुख समृद्धि प्राप्त करने का उत्तम अवसर है विभुवन संकष्टी पूजा।
ये अधिक मास में आता है और इस बार तीन साल पर आया है। यह पूजा कितनी महत्वपूर्ण है और इसकी पूजा विधि क्या है इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे।

विभुवन संकष्टी व्रत या पूजा चतुर्थी के दिन आता है। यह श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। चतुर्थी भगवान् गणेश को समर्पित है। इस विशेष दिन भगवान् गणेश की पूजा अर्चना करने से विघ्नहर्ता गणेश सभी कष्टों को दूर करते हैं। साथ ही साथ गणेश के पिता शिव की कृपा भी प्राप्त होती है। इस पूजा के दौरान रात में चन्द्रमा की पूजा का भी विधान है। चन्द्रमा क अर्घ्य देने से सुख शांति मिलती है और धन वैभव की प्राप्ति होती है।
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 तिथि
पंचांग के अनुसार इस बार यानी 2023 में विभुवन संकष्टी चतुर्थी पूजा 04 अगस्त दोपहर 02 बजकर15 मिनट से शुरू होगी और 05 अगस्त को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। चूंकि इस दिन रात में चन्द्रमा की पूजा होती है और उसको अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है इसलिए आपको चन्द्रमा की पूजा का मुहूर्त भी बता देते हैं। चन्द्रमा पूजा का मुहूर्त चंद्रोदय के बाद होता है और इस दिन चंद्रोदय रात्रि 09 बजकर 10 मिनट पर होगा।
विभुवन संकष्टी व्रत करने से बल और बुद्धि दोनों प्राप्त होते हैं। गणेश विघ्नहर्ता हैं इसलिए विघ्न दूर करने की शक्ति देते हैं। साथ ही चन्द्रमा बुद्धि देते हैं और शांति देते हैं। इस व्रत को करने से शिव, गणेश और चन्द्र देव तीनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications