Latest Updates
-
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट -
इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए अरबी की सब्जी, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
महिलाओं की कौन सी आंख फड़कने का क्या है मतलब? जानें बाईं और दाईं आंख के शुभ-अशुभ संकेत -
New Rules From 1 April 2026: दवाइयों से मोबाइल तक, जानें 1 अप्रैल से क्या होगा सस्ता, क्या महंगा? -
Kamada Ekadashi Upay: वैवाहिक कलह और कर्ज के बोझ से हैं परेशान? कामदा एकादशी पर करें ये 3 अचूक उपाय
Vijaya Ekadashi 2026: कब है विजया एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Vijaya Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर माह में एकादशी के दो व्रत पड़ते हैं, एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में। ऐसे में, साल भर में कुल 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं। यह व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह एकादशी हर कार्य में विजय दिलाने वाली मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। तो आइए, जानते हैं कि इस साल विजया एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है -

विजया एकादशी 2026 कब है?
हिंदू पंचान के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 12 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 13 फरवरी, शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा। व्रत का पारण अगले दिन 14 फरवरी को सुबह 7 बजे से लेकर सुबह 9 बजकर 14 मिनट तक किया जाएगा।
विजया एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही, सभी कार्यों में सफलता मिलती है। पद्म पुराण के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए विजया एकादशी का व्रत रखा था। इसके फलस्वरूप उन्होंने समुद्र तट को पार कर विजय प्राप्त की। इसी कारण इस एकादशी को विजया एकादशी कहा गया है।
विजया एकादशी पूजा विधि
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें।
भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
अब चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें।
भगवान को पीले फल, फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।
'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
एकादशी व्रत कथा पढ़ें और घी का दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।
अंत में पूजा में हुई भूल-चूक के लिए भगवान से माफी मांगे।
अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण करें।



Click it and Unblock the Notifications











