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क्या था कृष्ण का पहला नाम? जिसे लेकर अनिरुद्धाचार्य और अखिलेश यादव में बीच सड़क हुई बहस
Krishna First Name: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से एक धार्मिक प्रश्न पूछते नजर आए। यह सवाल भगवान कृष्ण के पहले नाम (Krishna First Name) को लेकर था। अखिलेश ने पूछा, जब वासुदेव ने नवजात कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल पहुंचाया और नंदबाबा को सौंपा, तब उनका पहला नाम क्या रखा गया था?
इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि यशोदा उन्हें 'कन्हैया' कहती थीं, लेकिन अखिलेश इस उत्तर से सहमत नहीं हुए। उन्होंने हल्के व्यंग्य में कहा कि अब उनके और अनिरुद्धाचार्य के "रास्ते अलग हो गए"। यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर धार्मिक और सांस्कृतिक बहस छिड़ गई कि आखिर भगवान श्रीकृष्ण का पहला नाम वास्तव में क्या था?

क्या कहते हैं शास्त्र?
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की कथा मुख्य रूप से श्रीमद्भागवत पुराण, महाभारत, हरिवंश पुराण, और गर्ग संहिता जैसे धर्मग्रंथों में विस्तृत रूप से वर्णित है।
श्रीमद्भागवत पुराण (स्कंध 10, अध्याय 3, श्लोक 31) के अनुसार, जब वासुदेव ने कृष्ण को जन्म लेते देखा तो उन्होंने भगवान विष्णु के रूप में उनकी स्तुति की। इसके बाद जब वासुदेव ने नवजात कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल में नंदबाबा और यशोदा को सौंपा, तो उन्होंने उन्हें 'कृष्ण' नाम से पुकारा।
'कृष्ण' नाम का अर्थ है श्याम वर्ण वाला अथवा आकर्षक दिव्य गुणों वाला। यह नाम न केवल उनके रंग का संकेत देता है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और लीलाओं की सुंदरता को भी दर्शाता है।
अन्य नाम और उनकी उत्पत्ति
कुछ परंपराएं मानती हैं कि वासुदेव उन्हें 'वासुदेव' कहकर बुलाते थे, जिसका अर्थ होता है वासुदेव का पुत्र। यही नाम आगे चलकर भगवान को 'वासुदेव-कृष्ण' के रूप में विख्यात करता है। संस्कृत के महान व्याकरणाचार्य पाणिनि के ग्रंथों में भी कृष्ण को वासुदेव नाम से संबोधित किया गया है।
जब श्रीकृष्ण गोकुल पहुंचे और माता यशोदा ने उन्हें पुत्र रूप में स्वीकार किया, तब उन्होंने उन्हें कान्हा, कन्हैया, नंदलाला, यशोदानंदन, और गोपाल जैसे स्नेहपूर्ण नामों से पुकारा। ये नाम उनके बाल्यकाल की लीलाओं से जुड़े हैं और ब्रज संस्कृति में बहुत लोकप्रिय हैं।
गर्ग मुनि द्वारा नामकरण
गर्ग संहिता के अनुसार, नंदबाबा ने कृष्ण और बलराम का नामकरण संस्कार कराने के लिए मुनि गर्गाचार्य को बुलाया था। उन्होंने कृष्ण का औपचारिक नाम 'कृष्ण' रखा।
कृष्ण का पहला नाम क्या था?
यदि शास्त्रों की बात करें, तो भगवान श्रीकृष्ण का पहला नाम 'कृष्ण' ही था, जिसे वासुदेव ने दिया और गर्गाचार्य ने पुष्टि की। अन्य नाम जैसे कन्हैया, गोपाल, नंदलाला आदि उनके बाल स्वरूप और लीलाओं से जुड़े हुए हैं, जिन्हें विशेष रूप से यशोदा और ब्रजवासी प्यार में बोलते थे। जब कृष्ण माता यशोदा के पास आए, तो उन्होंने उनका नाम नंदलाला रखा और नंदबाबा ने कृष्ण का नाम यशोदानंदन रखा। हालांकि, ब्रज में बच्चों को लाला और लाली कहा जाता है। इसी कारण सभी कृष्ण को यशोदा का लाला भी कहते थे।
जानिए श्रीकृष्ण के 108 नाम
श्रीकृष्ण के 108 नाम
अचला
अच्युत
अद्भुतह
आदिदेव
अदित्या
अजन्मा
अजया
अक्षरा
अमृत
अनादिह
आनंद सागर
अनंता
अनंतजीत
अनया
अनिरुद्धा
अपराजित
अव्युक्ता
बाल गोपाल
बलि
चतुर्भुज
दानवेंद्रो
दयालु
दयानिधि
देवाधिदेव
देवकीनंदन
देवेश
धर्माध्यक्ष
द्वारकाधीश
गोपाल
गोपालप्रिया
गोविंदा
ज्ञानेश्वर
हरि
हिरण्यगर्भा
ऋषिकेश
जगद्गुरु
जगदीशा
जगन्नाथ
जनार्धना
जयंतह
ज्योतिरादित्या
कमलनाथ
कमलनयन
कामसांतक
कंजलोचन
केशव
कृष्ण
लक्ष्मीकांत
लोकाध्यक्ष
मदन
माधव
मधुसूदन
महेन्द्र
मनमोहन
मनोहर
मयूर
मोहन
मुरली
मुरलीधर
मुरली मनोहर
नंदगोपाल
नारायन
निरंजन
निर्गुण
पद्महस्ता
पद्मनाभ
परब्रह्मन
परमात्मा
परम पुरुष
पार्थसारथी
प्रजापति
पुण्य
पुरुषोत्तम
रविलोचन
सहस्राकाश
सहस्रजीत
सहस्रपात
साक्षी
सनातन
सर्वजन
सर्वपालक
सर्वेश्वर
सत्य वचन
सत्यव्त
शंतह
श्रेष्ठ
श्रीकांत
श्याम
श्यामसुंदर
सुदर्शन
सुमेध
सुरेशम
स्वर्गपति
त्रिविक्रमा
उपेन्द्र
वैकुंठनाथ
वर्धमानह
वासुदेव
विष्णु
विश्वदक्शिनह
विश्वकर्मा
विश्वमूर्ति
विश्वरूपा
विश्वात्मा
वृषपर्व
यदवेंद्रा
योगि
योगिनाम्पति



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