Latest Updates
-
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा
बैसाखी पर पाक के हस्नाबदल में लगता है श्रद्धालुओं का तांता

पाकिस्तान के हस्नाबदल कस्बे के पंजा साहिब गुरुद्वारे में दुनिया भर से तीर्थयात्री पहुंचने लगे हैं। इस बार भारत सहित लगभग 20,000 से अधिक विदेशी सिख श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। पंजा साहिब में प्रतिवर्ष बैसाखी के मौके पर मेले का आयोजन किया जाता है।
हर साल मेले में भाग लेने के लिए देश-विदेश से भक्तजन यहां पहुंचते हैं। बताया जाता है कि भारत में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, लाहौर के समीप ननकाना साहिब के बाद पंजा साहिब सिखों का तीसरा प्रमुख धार्मिक स्थल है।
पंजा साहिब गुरुद्वारे की कार्यवाहक समिति के सदस्य कबीर सिंह ने बताया कि बैसाखी के मौके पर इस वर्ष लगभग 20,000 श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत से लगभग 2,000 तीर्थयात्री अब तक यहां पहुंच चुके हैं। सिंह के अनुसार भारत के साथ-साथ कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप से भी बढ़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बैसाखी पर्व मनाने के लिए आ रहे हैं। भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधकों की ओर से उनके ठहरने के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।



Click it and Unblock the Notifications