बैसाखी पर पाक के हस्‍नाबदल में लगता है श्रद्धालुओं का तांता

Baisakhi Celebration
हस्नाबदल। बैसाखी नाम वैशाख से बना है। पंजाब और हरियाणा के किसान सर्दियों की फसल काट लेने के बाद नए साल की खुशियाँ मनाते हैं। इसीलिए बैसाखी पंजाब और आसपास के प्रदेशों का सबसे बड़ा त्योहार है। हम आपको बता दें कि बैसाखी का पर्व पाकिस्‍तान में भी धूमधाम उतनी ही धूम होती है, जितनी भारत में।

पाकिस्तान के हस्नाबदल कस्बे के पंजा साहिब गुरुद्वारे में दुनिया भर से तीर्थयात्री पहुंचने लगे हैं। इस बार भारत सहित लगभग 20,000 से अधिक विदेशी सिख श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। पंजा साहिब में प्रतिवर्ष बैसाखी के मौके पर मेले का आयोजन किया जाता है।

हर साल मेले में भाग लेने के लिए देश-विदेश से भक्तजन यहां पहुंचते हैं। बताया जाता है कि भारत में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, लाहौर के समीप ननकाना साहिब के बाद पंजा साहिब सिखों का तीसरा प्रमुख धार्मिक स्थल है।

पंजा साहिब गुरुद्वारे की कार्यवाहक समिति के सदस्य कबीर सिंह ने बताया कि बैसाखी के मौके पर इस वर्ष लगभग 20,000 श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत से लगभग 2,000 तीर्थयात्री अब तक यहां पहुंच चुके हैं। सिंह के अनुसार भारत के साथ-साथ कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप से भी बढ़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बैसाखी पर्व मनाने के लिए आ रहे हैं। भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधकों की ओर से उनके ठहरने के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।

Story first published: Monday, March 19, 2012, 16:46 [IST]
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