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मां कभी गलत नहीं कहती
दोपहर की चिलचिलाती हुई धूप और बच्चा बाहर खेलने की जिद करे। लेकिन ऐसी कोई मां नहीं होगी जो बच्चे को धूप में खेलने की इजाजत देगी। मां कभी नहीं कहती कि पहली बारिश में नहा लो क्योंकि वह नहीं चाहती कि उसका बच्चा दिन भर बिस्तर पर पड़ा दवाइयां खाता रहे। मां जब कहती है बेटा सो जा, नहीं तो भूत आ जाएगा, तो इसमें भी शब्द से परे का सत्य भी कहीं अधिक सत्य होता है। हांलाकि समय के साथ बहुत कुछ बदल रहा है। लेकिन जो नहीं बदला है वह मां और बच्चे का रिश्ता है। इस मदर्स डे पर हम बात करेगें कि किस तरह से मां ने हमारी जिन्दगी को बदला और हमें आगे बढ़ने की राह दिखाई। हमें कभी नहीं भूलना चाहिये कि आज जो कुछ भी हम अपनी जिन्दगी में कर रहे हैं, वह केवल हमारी प्यारी मां की बदौलत है।
एक सच्ची मार्गदर्शक
मां शब्द सुनते ही हमारे हृदय में भावनाएं उमड़ पड़ती हैं। मां एक ऐसा शाश्वत शब्द है जिस पर बच्चा बिना सोचे समझे आंख मूंद कर विश्वास करता है क्योंकि उसे पता है कि मां उसकी सच्ची मार्गदर्शक होती है।

संस्कारों का पल्लवन
यदि बच्चे का आचरण संस्कार युक्त होगा तो वह आने वाले समय में हमारे अस्तित्व पर प्रशन चिन्ह नहीं लगने देगा। बच्चा आगे चल कर क्रूक, निर्दयी और आलसी न बने इसके लिये मां मंत्र और कहानियां सुना कर बच्चों को प्रेम का पाठ पढ़ाती है। कुछ बच्चे बड़ों के प्रति अभद्र व्यवहार करते हैं तो मां स्वयं अपने व्यवहार से बच्चों को प्रेरित करती है क्योंकि बच्चे जो कुछ देखते हैं वही सीखते हैं।
बुरी आदतें
वर्तमान में वीडियो चैटिंग, फेसबुक के बेतहाशा और बेखौफ इस्तेमाल ने बच्चे को एकाकी और कमरों में कैद सा कर दिया है। कोई भी मां नहीं चाहेगी कि उसका बच्चा फेसबुक पर वीडियो चैटिंग करे। इसके अलावा आज कल हर बच्चे में जंक फूड खाने का चस्खा कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है, लिहाजा हर मां की यही ख्वाहिश होती है कि वह अपने बच्चे को उससे दूर रखे और उसे पौष्टिक खाना खिलाए।
प्रेरणा स्त्रोत
मां हमेशा बच्चों को समय पर स्कूल का काम करने और नियमित अध्ययन के लिये प्रेरित करती है और वक्त आने पर डांटती भी है। एक मां अपने बच्चे को पढ़ाई का महत्व बताती है और एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देती है।
चुनौतियों के लिये तैयार करना
एक मां अपने बच्चे के जीवन के हर मोड़ पर मुश्किल का सामना करना सिखाती है और अपनी जिन्दगी से डर को भगाते हुए हर चुनौती का सामना करने को तैयार करती है।
युवाओं की दिशा सूचक
बड़ा होने पर भी कई बार मां बच्चों को सही समय पर खाने और समय पर घर आने के लिये कहती रहती हैं। मां कभी नहीं कहती कि तुम तेज गाड़ी चलाओ या तुम क्लब या बार जाओ। हर मां चाहती है कि उसका बच्चा वह मुकाम हाहिल करे जिससे वह दूसरों के सामने गौरव महसूस कर सके।



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