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महाकुंभ में इस शख्स ने नाव चलाकर कमा लिए 30 करोड़... कौन हैं प्रयागराज के पिंटू, जिनकी CM योगी ने की तारीफ
Pintu Mallah Success Story : प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का समापन हो चुका है। 45 दिनों तक चले इस भव्य मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी कई लोगों की जिंदगी बदल दी। कई लोगों ने चाय, दातुन, और अन्य वस्तुएं बेचकर मोटी कमाई की, लेकिन सबसे चर्चित कहानी है नैनी के अरेल इलाके के निवासी पिंटू मल्लाह की, जिन्होंने अपनी नावों के जरिये 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई की।
उनकी यह सफलता हर किसी को हैरान कर रही है, और लोग उनके बारे में अधिक जानना चाहते हैं।

नाव खरीदने के लिए गिरवी रखने पड़े मां के गहने
पिंटू मल्लाह का परिवार करीब 100 सदस्यों का है और वे सभी नाव संचालन के व्यवसाय से जुड़े हैं। महाकुंभ की तैयारी उन्होंने महीनों पहले से शुरू कर दी थी। पूरे परिवार ने मिलकर 130 नावों को तैयार कराया ताकि मेले के दौरान अधिकतम कमाई हो सके। इस दौरान वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अपनी मां के गहने तक गिरवी रखने पड़े।
शुरुआत में उनकी मां को डर था कि कहीं यह निवेश व्यर्थ न चला जाए, लेकिन जब कुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और नावों से भारी मुनाफा हुआ, तो वे भी बेहद खुश हुईं। इस सफलता पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनकी मेहनत और ईमानदारी की सराहना की।
कुंभ में नाविक परिवार की 30 करोड़ रुपये की कमाई
महाकुंभ के दौरान पिंटू मल्लाह के परिवार ने 30 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे कई लोग हैरान हैं। हालांकि, पिंटू का कहना है कि उनकी पूरी कमाई ईमानदारी से हुई है। जब उनसे नाव किराए को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा तय दरों पर ही किराया लिया गया था। हालांकि, कुछ अन्य नाविकों ने मनमाने किराए की वसूली की होगी, लेकिन उनके परिवार ने ऐसा नहीं किया।
एक नाव से प्रतिदिन 50,000 रुपये की कमाई
एक नाव बनाने की लागत लगभग 50,000 से 70,000 रुपये तक होती है, लेकिन महाकुंभ के दौरान एक नाव से प्रतिदिन 50,000 रुपये से अधिक की कमाई हुई। इस हिसाब से एक नाव ने 45 दिनों में लगभग 23 लाख रुपये तक की कमाई की। जब यह आंकड़ा 130 नावों पर लागू किया गया, तो कुल कमाई 30 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की चर्चा
इस उपलब्धि का जिक्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में किया। उन्होंने बताया कि एक नाविक परिवार ने 130 नावों से महाकुंभ के दौरान 30 करोड़ रुपये की कमाई की। उन्होंने गणना करते हुए कहा कि प्रत्येक नाव ने 45 दिनों में 23 लाख रुपये कमाए और प्रतिदिन की कमाई 50,000 से 52,000 रुपये तक थी।
कितनी होगी इनकम टैक्स देनदारी?
इतनी बड़ी कमाई के बाद अब चर्चा इस पर हो रही है कि इस पर कितना इनकम टैक्स लगेगा। भारत में इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार, यदि इस कमाई को सालाना आय के रूप में देखा जाए, तो यह उच्चतम कर श्रेणी में आएगी।
30 करोड़ रुपये पर 30% इनकम टैक्स लगेगा, जो 9 करोड़ रुपये होगा। इस कर राशि पर 4% सेस भी जोड़ा जाएगा, जो 36 लाख रुपये होगा। कुल मिलाकर, इस परिवार को लगभग 9.36 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में देने होंगे। हालांकि, टैक्स कानूनों के अनुसार, यदि नाविक परिवार अपनी लागत, रखरखाव, और अन्य व्यावसायिक खर्चों को प्रमाणित कर पाता है, तो उन्हें कुछ छूट और कटौती मिल सकती है।



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