AC Blast in Noida : गर्मी मे AC क्यों बनते जा रहे है आग के गोले? इस्‍तेमाल करते हुए इन बातों का रखें ध्यान

Air Conditioner Blast In Noida : हाल ही में गुजरात के राजकोट के प्राइवेट गेमिंग जोन में एयर कंडीशनिंग यूनिट में हुए विस्फोट के बाद 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नोएडा के सेक्टर 100 में स्थित लोटस ब्लूबर्ड सोसाइटी में एयर कंडीशनर फटने से पूरा का पूरा फ्लैट जलने का मामले को मात्र कुछ ही दिन बीते थे क‍ि नोएडा से एसी फटने का एक ताजा मामला सामने आया है।

यहां एक आईटी कंपनी के दफ्तर में अचानक आग लग गयी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

बताया जा रहा है कि कंपनी के दूसरे फ्लोर पर एसी के इनडोर यूनिट में ब्लास्ट से आग लगी थी। आग लगने से लाखों का नुकसान हो गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है। इस तरह की घटनाएं लापरवाही और अनदेखी का नतीजे की वजह से होती है। गर्मी में ऐसे मामले तेजी से सामने आते हैं।

आइए जानते है क‍ि गर्मी में एसी ब्‍लास्‍ट के मामले क्‍यों बढ़ जाते है और एसी चलाते समय क‍िन बातों का ख्याल रखना जरुरी होता है ताक‍ि ऐसे हादसों से बचा जा सकें।

ओवरहीटिंग सबसे बड़ी वजह

एसी में ब्‍लास्‍ट या आग लगने की एक वजह ओवरहीटिंग भी हो सकती है। गर्मी से बचने के ल‍िए कई घरों में पूरे दिन एसी चलती रहती है। जिस कारण भी कंप्रेसर में आग लगने या ब्‍लास्‍ट की घटनाएं हो रही है।

रेफ्रिजरेंट लीकेज

रेफ्रिजरेंट एसी की वो गैस होती है जो रूम को ठंडा करती है। अगर एसी की सर्विसिंग को अवॉइड करते हैं, तो ये रेफ्रिजरेंट को लीक करता है जो हल्‍की सी चिंगारी या ज्‍यादा गर्मी तापमान न झेलने की वजह से भी ब्‍लास्‍ट की वजह बनता है।

AC blast causes fire at Noida high-rise flat

AC की खराब मेंटनेंस

एयर कंडीशनर गर्म हवा को अंदर खींचकर ठंडी हवा बनाकर बाहर फेंकता है। इस दौरान उसके फिल्टर में डस्ट भी जमा हो जाती है। यदि लंबे समय तक AC की सर्विस नहीं कराने की वजह से गंदगी जमने से इससे फिल्टर पर प्रेशर पड़ने लगता है और कंप्रेसर पर लोड पड़ेगा। कंप्रेसर की वजह कूलिंग होती है। अगर कंप्रेसर पर लोड बढ़ता ही जाएगा तो विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है क‍ि एसी की समय-समय पर मेंटेनेंस कराने की सलाह दी जाती है।

कम वोल्‍टेज पर एसी चलाने से बचे

गर्मी में इन दिनों बहुत से शहरों में बिजली की ज्‍यादा खपत की वजह से इलेक्ट्रिसिटी सप्‍लाई में कटौती की जा रही है। पॉवर आने और जाने की वजह से वोल्‍टेज ऊपर नीचे होने लगता है। घर का वोल्टेज ऊपर-नीचे जाने से भी कंप्रेसर पर अचानक से दवाब पड़ता है और इससे ब्लास्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। इसल‍िए हमेशा कम वोल्‍टेज में एसी चलाने से बचे।

कंडेनसर कॉइल्स की खराब हालत

धूल या गंदगी जमा होने से एसी के कंडेनसर कॉइल्स की मेंटनेंस पर भी असर पड़ता है। कंडेनसर रेफ्रिजरेंट (एसी की हवा को ठंडी बनाने वाली गैस) के साथ कूलिंग को बढ़ाता है। कंडेनसर पर गंदगी बढ़ना मतलब कॉइल की एफ‍िशेंएसी पर असर पड़ना, जिससे दबाव पड़ने पर ब्‍लास्‍ट की स्थिति बनती है।

सेफ्टी टिप्‍स

एसी में आग लगने या जलने की घटनाओं से बचने के ल‍िए कुछ बातों का ध्‍यान रखें।

- ज्‍यादा देर एसी चलाने से बचें।
- समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहें।
- एयर फिल्टर और कूलिंग कॉइल्स की समय-समय पर सफाई करे।
- एसी के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें, वोल्टेज में झटके आने जैसी स्थिति में कंप्रेसर को नुकसान नहीं पहुंचता है।
- फिल्टर और कूलिंग कॉइल्स को रेगुलर साफ करना चाहिए। इससे कंप्रेसर पर एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं पड़ेगा और यह सही ढंग से काम करेगा।

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