जानिए एक्टर विक्रांत मेस्सी का फैशन और ग्रूमिंग सीक्रेट

विक्रांत मैसी। टीवी जगत, फिल्म जगत और डिजिटल मीडिया का लोकप्रिय नाम है। विक्रांत ने करियर की शुरुआत टीवी स्क्रीन से साल 2004 में शो कहां हूं मैं से की। इसके बाद सुपर, डुपर हिट की बरसात बहती रही। फिर चाहे टीवी सीरियल घुमराह, बालिका वधु हो। विक्रांत यहीं तक नहीं सिमटे। उन्होंने बड़ी स्क्रीन पर फिल्मों में दमदार भूमिका निभाई है। मसलन फिल्म दिल धड़कने दो, लूटेरा, हाफ गर्लफ्रेंड, लिपस्टिक अंडर माई बुर्का, डेथ इन द गूंज, बाला और अब छपाक। और तो और वेब सीरिज़ में भी विक्रांत ने नाम कमाया है, जैसे- मिर्जापुर, क्रिमिनल जस्टिस, ब्रोकन बट ब्यूटीफुल। हाल ही में उनसे एक प्रेस इवेंट के बाद कई विषयों पर बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के अंश।

Vikrant Messy

'घूमने से मिलती हैं स्टोरीज़'
विक्रांत मैसी से जब ट्रैवलिंग पर पूछा गया, तो वह कहते हैं मुझे घूमना बहुत पसंद है। घूमने से इंसान में परिवक्ता आती है। घर से बाहर निकलने पर ही पता चलता है कि कितने सारे शख्स दुनिया में हैं। हरेक की अलग तरह की कहानियां हैं। घूमने से ही कथानक का जन्म होता है। फिर घूमने का माध्यम रेल, हवाई ज़हाज, बस...कुछ भी हो।

'सबकी गर्दन रहती है झुकी'
मोबाइल का इस्तेमाल इतना बढ़ गया है कि लोग साथ होकर भी साथ नहीं हैं। मेरी पैदाइश मुंबई की है। मैं मुंबई में पला बढ़ा हूं। इतना संभव नहीं हो तो किसी भी बस स्टॉप पर चले जाएं। वहां देखिए कैसे लोग गर्दन झुकाए फोन में डूबे पड़े हैं। मैंने देखा है कि एक बेंच में चार लोग बैठें होंगे तो चारों गर्दन झुकाए फोन में डूबे रहते हैं। लोग जब आपस में घुलेंगे-मिलेंगे, तभी विचारों को आदन-प्रदान होगा।

'मेरा पर्सनल स्टाइल स्टेटमेंट'
मुझे वॉर्म और एम्बिएंट कलर (लाइट से जो शेड निकलते हैं) पसंद हैं। आजकल ये शेड्स फैशन में हैं। मुझे सैफ अली खान का लुक बहुत पसंद है। मेरी नजर में वो स्टाइल आईकॉन हैं। मुझे क्रिस्प व्हाइट शर्ट के साथ ब्लू जींस पहनना पसंद है। यह मेरी फेवरेट ड्रेस है, जो मेरे वॉर्डरोब में हमेशा मौजूद रहेगी। कपड़ों स्टाइल और कम्फर्ट जरूर हो। ऐसा मेरा मानना है।

'अजीब थी पुब्रिटी'
जब मैं कक्षा 7-8 में था उस समय पुब्रिटी आई। उस उम्र में लड़कों में अजीब-अजीब शौक लगते हैं। नई दाढ़ी-मूंछ आती है। आवाज़ भारी होती है। मेरे साथ भी हुआ। तब मुझे बॉलीवुड और टीवी की तरफ अट्रैक्शन हो गया।

'एकल परिवार था'
हम छोटे से फ्लैट में चार लोग रहते थे। मैं, मम्मी, पापा और भाई। पूरा एकल परिवार था। प्राईवेसी ना के बराबर थी। प्राईवेसी की कमी के कारण हम सभी टीवी देखते थे। टीवी पर सबकुछ देखते थे। जब भारत में एचबीओ और स्टार टीवी मूवीज़ आए, तब मैं और मेरा भाई अख़बार में टीवी लिस्टंग देखते थे कि आज टीवी पर क्या कुछ आएगा। सच में हमने टीवी पर बहुत फिल्में देखीं हैं।

'दाढ़ी रखना पसंद है'
जानता हूं आजकल लोग तरह-तरह की स्टाइल की दाढ़ी रखते हैं। मुझे भी दाढ़ी रखना पसंद है। हर स्टाइल की दाढ़ी अच्छी लगती है। आज मुझे अपना दाढ़ी वाला लुक पसंद है। फुल दाढ़ी वाला, हां इसे नियमित ग्रूम करवाता हूं।

'कोई ग्रूमिंग रूटीन नहीं'
मैं नियमित गू्रमिंग रूटीन नहीं अपनाता हूं। हां थोड़ा-सी आलसी हूं। पर स्किन, फुल बॉडी का ध्यान रखता हूं। इसके लिए मेरा स्पेशल सीक्रेट है। आज मैं इसे शेयर करता हूं। वो है पानी। मैं खूब पानी पीता हूं। मैं चेहरे पर कोई खास ब्यूटी प्रॉडक्ट नहीं लगाता हूं।

'बॉल आपके पास आए'
मैं हमेशा अलग किरदार करना चाहता हूं। पर यह जरूरी नहीं कि बॉल हमेशा आपके पाले में ही आए। मैं छोटी फिल्मों ही करता हूं, जो 40-50 दिन तक खत्म हो जाए। यदि मेरा किरदार हंसने वाला है, तो मेरी कोशिश रहती है कि मेरे दर्शक भी हंसे। अगर कोई हंसा नहीं, तो यह मेरी हार है।

Story first published: Wednesday, May 17, 2023, 15:00 [IST]
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