Ahmedabad Plane Crash: 'लकी' नंबर ही बना Vijay Rupani के लिए 'अनलकी', गुजरात के पूर्व सीएम का 1206 से कनेक्शन?

Vijay Rupani and the Number 12 Connection : गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत अहमदाबाद-लंदन विमान हादसे में हो गई, जिसमें 241 लोग सवार थे। रूपाणी अपनी पत्नी अंजलि और बेटी से मिलने जा रहे थे। हैरानी की बात ये है कि हादसा 12 जून (12-06) को हुआ, एक ऐसा नंबर जिसे वे जीवनभर लकी मानते थे।

विजय रूपाणी 1206 नंबर को अपना शुभ अंक मानते थे। उनकी पहली कार और वर्षों पुराना स्कूटर भी इसी नंबर के थे, जो आज भी उनके घर के बाहर खड़े हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनकी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर यही रहा। लेकिन, यही 12-06 की तारीख उनके लिए अमंगलकारी साबित हुई।

Vijay Rupani and the Number 12 Connection

लोग इस इत्तेफाक को सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि इसे 'Numerology mystery' भी मान रहे हैं, जो उनके जीवन की शुरुआत से अंत तक जुड़ी रही।

पहली कार और स्‍कूटर का नंबर 1206

विजय रूपाणी की पहली कार और सालों पुराना स्कूटर दोनों का नंबर 1206 था, जिसे वे अपने लिए बेहद शुभ मानते थे। यह नंबर उनकी पहचान बन चुका था और उन्होंने इसे हमेशा अपने साथ जोड़े रखा। हैरानी की बात यह है कि आज भी 1206 नंबर वाली वही कार और स्कूटर उनके घर के बाहर वैसे ही खड़े हैं, जैसे उनकी यादों की निशानी।

गाड़ी के नंबर से शुरू हुई चर्चा

सबसे पहले बात करें विजय रूपाणी की सरकारी गाड़ियों की। जब वे मुख्यमंत्री थे, तब अक्सर उनकी गाड़ियों पर 'GJ 12' सीरीज के नंबर देखे गए। चाहे वह SUV हो या सेडान, '12' नंबर प्लेट उनकी पहचान बन चुकी थी। कई मौकों पर जब वे किसी समारोह या प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे, तब भी उनकी गाड़ियों का यह नंबर मीडिया की नजरों से नहीं बच पाया। कई बार वो खुद भी 12 को अपना लकी नंबर बता चुके हैं।

12 तारीखें और निर्णायक फैसले

विजय रूपाणी के राजनीतिक करियर में भी '12' नंबर ने एक अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2021 में जब विजय रूपाणी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब भी तारीख थी 11 सितंबर, लेकिन इस्तीफे की प्रक्रिया और घोषणा 12 सितंबर तक खिंच गई थी। वहीं जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब 12 मार्च को उन्हें प्रमाणपत्र मिला था।

आखिरी फ्लाइट और नंबर 12

विजय रूपाणी के आखिरी सफर में हर कदम पर 12 और 6 का आंकड़ा रहस्यमयी ढंग से जुड़ा रहा। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 में वे सवार थे, और उनका सीट नम्‍बर भी 12 ही था। उन्होंने दोपहर 12:10 बजे बोर्डिंग की थी, फिर से वही '12'। हादसे की तारीख भी थी 12 जून (12-06)। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विमान 1:38 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ, और यदि इन अंकों का योग करें (1+3+8), तो वह भी 12 बनता है। यह रहस्यमयी संयोग अब लोगों को हैरान कर रहा है , क्या यह सिर्फ इत्तेफाक था या नियति का कोई संकेत? Vijay Rupani का 'लकी नंबर' अंत में उनके जीवन के अंतिम अध्याय से जुड़ गया।

Desktop Bottom Promotion