Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
Assembly Election Result 2023: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी पर्व से जुड़े मजेदार facts
Assembly Election Result 2023: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव भी किसी उत्सव से कम नहीं होते। भारत में चुनावों का इंतज़ार नेताओं से अधिक जनता को होता है। हाल ही में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए है, और अब नतीजों की बारी हैं। वहीं अगले वर्ष, 2024 में लोकसभा चुनावों की बारी होगी जिससे देश के संसद के प्रतिनिधियों और प्रधानमन्त्री के पड़ के लिए निर्वाचन होता है।
कई विकसित पश्चिम देशों से पहले ही स्वतंत्र भारत ने अपने सभी नागरिकों को बिना भेदभाव के मताधिकार दिया था, और तभी से चुनावों में देश का हर व्यस्क मतदाता अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करके अपने राजनीतिक प्रतिनिधि का चुनाव करता है। देश के चुनावों का इतिहास 70 वर्षों से अधिक है, और इस लम्बे इतिहास में कई ऐसी रोचक बातें भी हुई जो इन चुनावों को और भी दिलचस्प बना देते हैं -

कहानी पहले चुनाव की
1952 के पहले लोकसभा चुनाव में लगभग 104.5 करोड़ रुपये का खर्च आया था, यह चुनाव 489 सीटों पर लड़ा गया था। भारत का यह पहला आम चुनाव 25 अक्टूबर 1951 को शुरू हुआ और 21 फरवरी 1952 तक चला। इन चुनावों को लेकर कई विदेशी मीडिया ने भारत के असफल होने की अपेक्षा की थी, हालांकि कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद देश ने अपने पहले आम चुनावों को संपन्न किया था। इन पहले चुनावों के लिए गोदरेज कंपनी ने करीब 17 लाख बैलट बक्सों का निर्माण किया था और सरकार ने 5 रुपए प्रति बॉक्स का भुगतान किया था।
जब एक सीट पर थे हज़ार से अधिक उम्मीदवार
1996 के विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु के एक चुनावी क्षेत्र से 1033 उम्मीदवार मैदान में थे जो एक रिकॉर्ड है- मोडा करोची नाम के इस क्षेत्र में बैलेट पेपर एक पुस्तिका की शक्ल में जारी किया गया था।

जब टॉस करके हुआ विजेता का फैसला
1988 में मेघालय विधानसभा में एक रोचक घटना हुई। वहां दो उम्मीदवार रोस्टर संगमा और चेम्बर लाईन मार्क को बराबर वोट मिले थे, लेकिन चुनाव अधिकारी संगमा को विजयी घोषित किया. क्योंकि चुनाव अधिकारी ने फैसला करने के लिए टास किया जो संगमा के हक में निकला था।
25 हार से फेमस हुए थे ये नेता
काका जोगेन्दर सिंह जो धरती पकड़ के नाम से भी मशहूर थे 25 बार चुनाव हारे। धरती पकड़ वी.पी.सिंह और राजीव गांधी जैसे बड़े-बड़े नेताओं के खिलाफ भी उम्मीदवार रहे जिनके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाते थे ताकि कहीं उनकी मौत की वजह से चुनाव रद्द न कर दिया जाए। दिलचस्प बात यह है कि चुनावों के दौरान उन्होंने समर्थन अर्जित करने के लिए कभी भी प्रचार नहीं किया या धन का उपयोग नहीं किया।

चुनावों का सेंटर बनी थी खिचड़ी
श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1977 के चुनावों में अपने ख़िलाफ़ बने जनता पार्टी के गठबंधन को बेमेल खिचड़ी का नाम दिया था। लोकसभा के नतीजों में जब जनता पार्टी को जीत हासिल हुई तो उन्होंने अपनी विजय के जश्न में कई जगहों पर खिचड़ी बंटवाई थी।
किसी भी उम्मीदवार को नहीं चुनने का नोटा बटन
लोकसभा चुनावों में, उपरोक्त में से कोई नहीं (नोटा) विकल्प का उपयोग पहली बार 2014 में किया गया था। इसमें 1.1% वोट मिले, जो कि 6 मिलियन से अधिक है। नोटा का प्रतीक राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद द्वारा डिजाइन किया गया था।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
