Love Education in China : चीन के कॉलेजों में दी जाएगी 'लव एजुकेशन', कुछ ऐसा होगा सिलेबस

चीन में गिरती जन्म दर ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। इस समस्या से निपटने के लिए चीन की सरकार ने अनोखा कदम उठाया है। अब यूनिवर्सिटीज में 'लव एजुकेशन' की पढ़ाई शुरू करने का आग्रह किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को शादी, प्रेम, परिवार और बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

इस शिक्षा के माध्यम से सरकार चाहती है कि युवा एक-दूसरे से प्यार करें, शादी करें और परिवार बसाने की तरफ कदम बढ़ाएं। इस पहल से चीन की सरकार जन्म दर को स्थिर करने और समाज में फैम‍िली वैल्‍यूज को फि‍र स्‍थापित करने की कोशिश कर रही है।

Love Education in China

घट रही है युवाओं की जनसंख्या

चीन सरकार ने यह पहल ऐसे समय में शुरू की है जब लगातार दूसरे साल देश की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है। देश में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ने का खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा, शादी में युवाओं की रुचि कम होने और बच्चों के जन्म दर घटने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इस गिरावट का असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कामकाजी जनसंख्या घट रही है, जबकि बुजुर्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

शादी में दिलचस्‍पी नहीं दिखा रहे हैं चीनी युवा

चीन की आबादी करीब 140 करोड़ है, जो इसे दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनाती है। हालांकि, अब यहां की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है। सरकार का मानना है कि कॉलेज जाने वाले छात्रों के बीच रिश्तों, शादी और परिवार के प्रति नजरिया बदल चुका है। युवाओं में शादी और बच्चों को लेकर रुचि कम हो गई है, और वे परिवार बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। सरकार का यह भी मानना है कि अगर यह मानसिकता आगे भी बनी रही, तो भविष्य में यह देश के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि जन्म दर में गिरावट और कामकाजी जनसंख्या घटने से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

यूनिवर्सिटी देगी लव कोच‍िंग

जियांगसु शिन्हुआ न्यूजपेपर ग्रुप ने चाइना पॉपुलेशन न्यूज का हवाला देते हुए बताया कि अब कई युवा रोमांटिक रिश्ते बनाने से हिचकिचा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "कॉलेज और यूनिवर्सिटी को मैरिज और लव एजुकेशन कोर्स प्रदान करके छात्रों को शादी और प्रेम के बारे में जागरूक करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।" इस पहल का उद्देश्य समाज में शादी और बच्चे पैदा करने के प्रति एक सकारात्मक सांस्कृतिक माहौल उत्पन्न करना है, ताकि युवाओं में परिवार के प्रति रुझान बढ़ सके और गिरती जन्म दर को रोका जा सके।

चीनी युवाओं को रास नहीं आ रहे हैं रोमांट‍िक र‍िश्‍ते

हाल ही में हुए एक सर्वे में सामने आया कि लगभग 57% कॉलेज स्टूडेंट्स रोमांटिक रिश्तों में नहीं पड़ना चाहते हैं। उनका कहना है कि इससे पढ़ाई और निजी जिंदगी को बैलेंस करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, भावनात्मक रिश्तों के बारे में सही जानकारी न होने के कारण कई छात्रों को प्यार और शादी की सही समझ नहीं है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, स्टेट काउंसिल ने स्थानीय सरकारों से आबादी में गिरावट को रोकने के लिए संसाधन आवंटित करने का आह्वान किया है।

ऐसा होगा कोर्स

यूनिवर्सिटी और जूनियर कॉलेज के छात्रों को जनसंख्या, राष्ट्रीय परिस्थितियों, नई शादी और बच्चे पैदा करने की अवधारणाओं के बारे में शिक्षा दी जा सकती है। वहीं, सीनियर कॉलेज और ग्रैजुएट छात्रों को शादी, जनसंख्या, केस स्टडी, ग्रुप डिस्कशन और रिश्ते बनाए रखने पर विशेष रूप से पढ़ाया जा सकता है।

Story first published: Tuesday, December 10, 2024, 16:30 [IST]
Desktop Bottom Promotion