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Cyclone Mocha Facts: साइक्लोन मोचा को कैसे मिला नाम? जानें चक्रवातों के बारें में कुछ फैक्ट्स
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने साइक्लोन मोचा के बारें में जानकारी दी हुई है। इसके मुताबिक, पूर्वी भारतीय राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। साइक्लोन मोचा के 13 से 14 मई के बीच लैंडफॉल करने की संभावना है। ये साइक्लोन बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ है, जिसके कारण तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। हर साल साइक्लोन के कारण लाखों लाखो प्रभावित होते हैं। जान और माल दोनों का नुकसान होता है। साइक्लोन के कारण होने वाली तेज बारिश फ्लड का रूप ले लेती है, जिसके कारण कई राज्यों को इसके कारण भारी नुकसान झेलना पड़ता है। लेकिन आप ने सोंचा है कि इन तबाही मचाने वाले चक्रवातों का नाम इतना स्टाइलिश कैसे होता है। जबकि ये कितने खरतनाक होते हैं और नाम कितने क्यूट। इनके नाम के पीछे भी स्टोरी है, जहां से दुनियाभर में आने वाले साइक्लोनों को नाम दिया जाता है।

चक्रवात मोचा को ये नाम कैसे मिला ?
साइक्लोन मोचा का नाम यमन के द्वारा सुझाया गया था और ये नाम यमन के मोचा शहर से लिया गया है, जो रेड सी तट पर स्थित है।
साइक्लोन का नाम कैसे रखा जाता है?
चक्रवातों के नाम रखने की परंपरा विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा शुरू की गई थी। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) के सदस्य देशों के द्वारा नाम रखा जाता है। साउइक्लोन के नाम रिजनल रेग्लुलेशन पर निर्भर करते हैं। WMO वेबसाइट के अनुसार, "अटलांटिक और साउथ हेंपशायर ( इंडियन ओशन और पैसेफिक ओशन) में, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को एल्फाबेट के हिसाब से नाम मिलते हैं, और महिलाओं और पुरुषों के नाम इनके द्वारा ऑप्शन में दिये जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन साइक्लोनों के नामों पर नज़र रखता है।

साइक्लोन एक सप्ताह से अधिक समय तक रह सकते हैं और कई मौकों पर एक ही समय में आ जाते हैं। इसलिए गलतफहमी से बचने के लिए इनको अलग-अलग नाम दिए जाते हैं।
साइक्लोन क्या होते हैं ?
चक्रवात कम दबाव वाले क्षेत्र के आसपास वायुमंडलीय गड़बड़ी के कारण होते हैं और आमतौर पर गंभीर तूफान और गंभीर मामलों में खराब मौसम की वजह से होते हैं।
भारत में साइक्लोन के बारे में कुछ फैक्ट्स-
- भारतीय उपमहाद्वीप चक्रवातों से प्रभावित होने वाले देशों में से एक है।
- भारत में ज्यादातर चक्रवातों की उत्पत्ति बंगाल की खाड़ी में होती है। ये भारत के पूर्वी तट से टकराते हैं।
-देश में हर साल कम से कम 5 से 6 टॉपिकल साइक्लोन बनते हैं, जिनमें से कुछ विनाशकारी होते हैं।
चक्रवात से आपदा की संभावना बहुत होती है। जब साइक्लोन के कारण तेज हवा, तूफानी लहरे और तेज बारिश होते है, तो ये विनाशकारी रूप धारण कर लेती है।

-पेनेंसुला भारत के पूर्वी तट पर स्थित आंध्र प्रदेश कई सारे चक्रवातों के आने के कारण बहुत अधिक प्रभावित होता है।
-बहुत अधिक खतरनाक चक्रवातों के कारण हैवी बारिश के कारण छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार फ्लड के कारण प्रभावित रहते हैं।
Image Courtesy- in.pinterest.com



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