Dhanteras 2024: Digital vs Physical Gold: धनतेरस पर दोनों में से कौनसा गोल्ड खरीदने रहता है ज्‍यादा बेहतर

धनतेरस के ल‍िए बाजार तैयार है, शुभ मुहूर्त पर लोग जमकर खरीदारी करेंगे। इस बार वैदिक पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 की सुबह 10 बजकर 31 मिनट से और इस तिथि का समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा। यानी इस बार सोना खरीदने के लिए आपके पास काफी समय है।

धनतेरस के दिन सोना खरीदना विशेष रूप से शुभ माना गया है। वैसे सोना न सिर्फ पहनने बल्कि इंवेस्‍टमेंट के ल‍िहाज से भी शुभ माना जाता है। आजकल डिजिटल वर्ल्‍ड में डिज‍िटल गोल्‍ड का चलन भी बेहद बढ गया है, लोग इसमें भी खूब इन्‍वेस्‍ट करने लगे हैं। अगर आप भी इस बार धनतेरस में गोल्‍ड खरीदनें का प्‍लान बना रहे हैं, तो आपको बताते हैं डिजिटल और फिज‍िकल गोल्‍ड में से आपकी जरुरत के मुताब‍िक आपके ल‍िए क्‍या फायदेमंद रहेगा।

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सुरक्षा और स्‍टोरेज

डिजिटल गोल्ड: इसे खरीदने पर आपको भौतिक रूप से सोने को संभालने की जरूरत नहीं होती। डिजिटल गोल्ड को सुरक्षित डिजिटल वॉल्ट में रखा जाता है, जहां इसका रख-रखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्लेटफॉर्म पर होती है।

फिजिकल गोल्ड: इसे खुद सुरक्षित रखना पड़ता है, जिससे चोरी या नुकसान का खतरा रहता है। इसे बैंक लॉकर में रखने का खर्च भी आ सकता है।

कीमत

डिजिटल गोल्ड: डिजिटल गोल्ड खरीदते समय टैक्स और अन्य चार्जेस की पारदर्शिता रहती है। प्लेटफॉर्म कुछ छोटी फीस लेते हैं, जो फि‍ज‍िकल गोल्ड की बनावट और लॉकर की लागत से कम होती है।

फिजिकल गोल्ड: ज्वेलरी के रूप में सोने की खरीदारी में मेकिंग चार्ज और GST शामिल होते हैं, जो इसे महंगा बना सकते हैं। इसके अलावा, बेचने पर भी मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता है।

लिक्विडिटी और एक्सेसिबिलिटी

डिजिटल गोल्ड: इसे आप आसानी से ऑनलाइन खरीद और बेच सकते हैं, जिससे इसकी लिक्विडिटी बढ़ जाती है। जरूरत पड़ने पर आप इसे तुरंत कैश में बदल सकते हैं।

फिजिकल गोल्ड: भौतिक सोने को बेचने के लिए ज्वेलर्स या गोल्ड डीलर्स के पास जाना पड़ता है। यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली हो सकती है और आपको बेचने के लिए सही कीमत भी नहीं मिल सकती।

स्मॉल इन्वेस्टमेंट और फ्लेक्सिबिलिटी

डिजिटल गोल्ड: डिजिटल गोल्ड में आप छोटी रकम से भी निवेश कर सकते हैं, जैसे ₹100 से भी खरीदारी संभव है।

फिजिकल गोल्ड: फिजिकल गोल्ड में आपको एक बार में अधिक निवेश करना पड़ता है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए यह मुश्किल हो सकता है।

एसेट वेल्थ

डिजिटल गोल्ड: इसमें कोई भावनात्मक मूल्य नहीं जुड़ा होता है और यह पूरी तरह से एक निवेश माध्यम के रूप में कार्य करता है।

फिजिकल गोल्ड: भारत में पारंपरिक रूप से सोने का भावनात्मक महत्व होता है, खासकर ज्वेलरी के रूप में। लोग इसे आभूषण के रूप में भी पसंद करते हैं, जो डिजिटल गोल्ड में संभव नहीं है।

लॉन्ग टर्म और टैक्स बेनिफिट्स

डिजिटल गोल्ड: लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के लिए यह विकल्प अच्छा है, क्योंकि 3 साल बाद इसे बेचने पर टैक्स लाभ मिलता है।

फिजिकल गोल्ड: भौतिक सोने में भी 3 साल के बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का लाभ मिलता है, लेकिन मेकिंग चार्ज को वापस पाना मुश्किल होता है।

कौन सा बेहतर है?

यदि आप निवेश और आसानी से कैश में बदलने के लिए गोल्ड खरीदना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सुरक्षित, सुविधाजनक और पारदर्शी होता है। वहीं, अगर आप गोल्ड में पारंपरिक और भावनात्मक रूप से निवेश करना चाहते हैं और इसे आभूषण के रूप में उपयोग में लाना चाहते हैं, तो फिजिकल गोल्ड बेहतर रहेगा। अंत में, डिजिटल गोल्ड उन लोगों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित, छोटे निवेश और ऑनलाइन सुविधा चाहते हैं, जबकि फिजिकल गोल्ड उन लोगों के लिए सही है जो इसे पारंपरिक और आभूषण रूप में इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।

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