Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
Manmohan Singh के बॉडीगार्ड रहे चुके यूपी के मंत्री ने बताया , क्यों BMW छोड़ मारुति 800 पसंद करते थे मनमोहन
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के बॉडीगार्ड रहे यूपी के मंत्री असीम अरुण ने उन्हें याद करते हुए एक खास बात साझा की, जो आजकल के नेताओं में दुर्लभ है। असीम अरुण ने बताया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने हमेशा अपनी पसंदीदा गाड़ी, मारुति 800 के प्रति प्यार जाहिर किया।
हालांकि, प्रधानमंत्री होने के कारण उन्हें सुरक्षा के लिहाज से BMW जैसी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल करना पड़ता था। यह उनके सरल स्वभाव और सादगी को दर्शाता था कि भले ही उन्हें विलासिता की गाड़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता था, लेकिन उनका दिल अपनी पुरानी मारुति 800 पर ही अटका हुआ था।

मनमोहन सिंह के बॉडीगार्ड असीम अरुण
मनमोहन सिंह के बॉडीगार्ड रहे असीम अरुण ने उनके निधन पर एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं 2004 से लगभग तीन साल तक उनका बॉडी गार्ड रहा। एसपीजी में पीएम की सुरक्षा का सबसे अंदरुनी घेरा होता है - क्लोज़ प्रोटेक्शन टीम, जिसका नेतृत्व मुझे मिला। एआईजी सीपीटी के तौर पर मैं हमेशा उनके साथ, उनकी परछाई की तरह रहता था।"
मनमोहन सिंह के पास है कार
असीम अरुण ने अपने पोस्ट में बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह के पास सिर्फ एक ही कार थी - मारुति 800, जो पीएम हाउस में चमचमाती काली बीएमडब्ल्यू के पीछे खड़ी रहती थी। असीम अरुण लिखते हैं, "डॉ. साहब बार-बार मुझे कहते थे, 'असीम, मुझे इस कार में चलना पसंद नहीं, मेरी गड्डी तो यह है (मारुति)।' मैंने उन्हें समझाया कि यह गाड़ी उनके ऐश्वर्य के लिए नहीं है, बल्कि इसके सिक्योरिटी फीचर्स एसपीजी द्वारा चुने गए हैं। हालांकि, जब कारकेड मारुति के सामने से निकलता, तो वे हमेशा उसे देखकर उसे सम्मान देते थे, जैसे संकल्प दोहरा रहे हों कि मैं एक मिडिल क्लास व्यक्ति हूं और आम आदमी की चिंता करना मेरा काम है।"
अब मंत्री हैं असीम अरुण
असीम अरुण 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे पहले आईपीएस अधिकारी थे जिन्होंने एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो कोर्स को स्वेच्छा से सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सुरक्षा के लिए एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (एआईजी सीपीटी) का प्रमुख चुना गया था। 8 जनवरी 2022 को उन्होंने आईपीएस को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) में शामिल होने का ऐलान किया। इसके बाद, उन्होंने कन्नौज सदर से यूपी विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर जीता। मार्च 2022 में वह योगी आदित्यनाथ सरकार में सामाजिक कल्याण और एससी/एसटी कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने।



Click it and Unblock the Notifications