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Manmohan Singh Net Worth: 1 रुपए का भी नहीं था कर्ज, जाते-जाते इतनी दौलत छोड़ गए मनमोहन सिंह
Manmohan Singh Net Worth: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की उम्र में गुरुवार रात एम्स, दिल्ली में निधन हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2004-2009 और 2009-2014 तक दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली, लेकिन उनकी आर्थिक नीतियां सराही गईं। लंबे समय से बीमार डॉ. सिंह अपने पीछे कई करोड़ रुपये की संपत्ति और राजनीति में अद्वितीय योगदान छोड़ गए हैं।

डॉ. मनमोहन सिंह की शिक्षा
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। उन्होंने 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से 1957 में अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स की डिग्री हासिल की। 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के नूफिल्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी.फिल की।
डॉ. मनमोहन सिंह का परिवार
डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर की तीन बेटियां हैं। वे एक प्रख्यात अर्थशास्त्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में प्रसिद्ध हुए।
डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान
डॉ. मनमोहन सिंह को उनके असाधारण योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें पद्म विभूषण प्रमुख है। 1991 में, पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। डॉ. सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को लागू किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक बाजार के लिए खुली। इन नीतियों ने भारत को आर्थिक संकट से उबारते हुए विकास के नए रास्ते प्रदान किए। एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री और प्रशासक के रूप में, डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पीछे छोड़ गए इतनी संपत्ति
डॉ. मनमोहन सिंह ने 2018 में राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करते समय अपनी कुल संपत्ति 15.77 करोड़ रुपये घोषित की थी। एफिडेविट के अनुसार, 2018-19 में उनकी वार्षिक आय लगभग 90 लाख रुपये थी। माईनेता वेबसाइट के अनुसार, उनके पास 30,000 रुपये कैश और 3.86 लाख रुपये की ज्वैलरी थी। इसके अलावा, उनके नाम पर दिल्ली और चंडीगढ़ में एक-एक फ्लैट थे। उनकी वित्तीय स्थिति बेहद सुदृढ़ थी, और उनके ऊपर किसी प्रकार का कर्ज नहीं था। एक आदर्श सार्वजनिक सेवक के रूप में, डॉ. मनमोहन सिंह ने हमेशा अपनी संपत्ति को पारदर्शी रूप से प्रस्तुत किया, जो उनके सादगी और ईमानदारी भरे जीवन का परिचायक है।



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