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OMG! इस गांव में दूल्हे की जगह उसकी बहन ले जाती है बारात, दुल्हन के साथ सात फेरे लेकर बनाती है उसे भाभी
Unique Marriage Ritual in Gujarat: भारत एक विविधताओं से भरा देश है, जहाँ विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का संगम देखने को मिलता है। इस विविधता का एक खास पहलू है विवाह, जो न केवल दो व्यक्तियों के मिलन का प्रतीक है, बल्कि परिवारों और समाजों के बीच भी बंधन स्थापित करता है।
भारत में शादी से जुड़े रिवाज़ और परंपराएँ क्षेत्र, धर्म, और जातियों के अनुसार भिन्न-भिन्न होती हैं। ये रिवाज़ न केवल समारोह को खास बनाते हैं, बल्कि सामाजिक मान्यताओं और सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाते हैं। ऐसा ही एक अनोखी शादी की रस्म गुजरात के उदेयपुर में मनाई जाती है जो देखने व सुनने में काफी अचंभित कर सकती है-

दूल्हे की बहन करती है दुल्हन से शादी
कुछ दिनों पहले हुई एक शादी में यहां दुल्हन को दुल्हा नहीं बल्कि दुल्हे की बहन शादी करके लाई। दरअसल दूल्हे से शादी से पहले, उसकी बहन ने दुल्हन से शादी की रस्म पूरी की और उसे भाभी बनाकर घर लाई
गुजरात के अंबाला, सूरखेड़ा और सनाड़ा नामक तीन गांवों में एक विशेष रस्म निभाई जाती है, जिसमें दूल्हे की बहन दूल्हा बनकर अपनी भाभी से विवाह करती है। इस प्रक्रिया में, पहले बहन बारात लेकर जाती है, फिर अग्नि के समक्ष अपनी भाभी के साथ फेरे लेती है। सभी रस्मों के बाद, बारात दूल्हे के घर वापस लौटती है।
क्या है कारण
इन तीनों गाँव के आदिवासी समुदाय में देव भरमादेव को आराध्य मानते हैं। उनका मानना है कि चूंकि भरमादेव कुंवारे देव हैं, इसलिए यदि कोई युवक यहां बारात लेकर आता है, तो उसे देवता के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए लड़के की बहनें जाकर दुल्हन को लेकर आती हैं, और फिर दूल्हे के साथ उनका विवाह संपन्न किया जाता है।
वर्षों की परंपरा
क्षेत्रीय इतिहास के अनुसार इन जगहों पर शादी की यह रस्म कई वर्षों से चली आ रही है। भरमादेव के आराध्य इस रस्म को लेकर काफी संवेदनशील भी रहते हैं। कुछ समय पहले जब इस रस्म को बदलकर विवाह सम्पन्न किये गये तब उस दूल्हे की आकस्मिक मौत हो गई। इसी कारण अब शादी की इस रस्म को जारी रखना वहां की संस्कृति का हिस्सा बन गया है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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