Latest Updates
-
क्या आपने कभी खाया है 'हरामजादा' और 'गधा' आम? मिलिए Mango की उन 14 किस्मों से जिनके नाम हैं सबसे अतरंगी -
Mother's Day 2026 Wishes for Bua & Mausi: मां जैसा प्यार देने वाली बुआ और मौसी को भेजें मदर्स डे पर ये संदेश -
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल
Happy New Year History: 1 जनवरी को नया साल मनाने की परंपरा कैसे शुरू हुई? जानें रोचक तथ्य
Happy New Year 2026: साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और लोगों ने नई उम्मीदों और आशाओं के साथ नए साल का दिल से स्वागत किया है। अब साल 2025 खत्म हो गया है लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आखिर नए साल की शुरुआत 1 जनवरी से ही क्यों होती है? नया साल 1 जनवरी से मनाने की परंपरा की जड़ें प्राचीन रोमन सभ्यता में मिलती हैं। लगभग 45 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य में कैलेंडर का इस्तेमाल शुरू हुआ था।
उस समय रोम के कैलेंडर में कई खामियां थीं, जिन्हें बाद में सुधारा गया। शुरुआत में रोमन कैलेंडर में केवल 10 महीने होते थे और साल कुल 310 दिनों का माना जाता था। बाद में समय के साथ इसमें बदलाव किए गए और जनवरी को साल का पहला महीना माना गया। आइए जानते हैं नए साल का इतिहास और उसका महत्व।
जनवरी को साल का पहला महीना क्यों बनाया गया?
रोम के राजा नूमा पोंपिलियस (Numa Pompilius) ने 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व में कैलेंडर में बड़े बदलाव किए। उन्होंने जनवरी और फरवरी को कैलेंडर में जोड़ा और जनवरी को वर्ष की शुरुआत घोषित किया। मार्च का नाम रोमन युद्ध देवता मार्स (Mars) के नाम पर था जनवरी का नाम रोमन देवता जेनस (Janus) के नाम पर रखा गया। जेनस को शुरुआत और अंत का देवता माना जाता था। उनके दो चेहरे थे एक आगे की ओर (भविष्य) और दूसरा पीछे की ओर (अतीत)। इसी कारण राजा नूमा ने जनवरी को नए साल की शुरुआत के लिए सबसे उपयुक्त माना।

पहले मार्च से क्यों शुरू होता था नया साल?
1582 ईस्वी से पहले कई देशों में नया साल मार्च महीने से शुरू होता था, क्योंकि यह वसंत ऋतु का आरंभ माना जाता था और कृषि कार्यों के लिए भी यह समय अनुकूल होता था। लेकिन प्रशासनिक और धार्मिक कारणों से धीरे-धीरे जनवरी को साल की शुरुआत के रूप में स्वीकार किया जाने लगा।
1 जनवरी को नए साल की आधिकारिक घोषणा किसने की?
रोमन सम्राट जूलियस सीजर ने 46 ईसा पूर्व में एक नए कैलेंडर की शुरुआत की, जिसे बाद में जूलियन कैलेंडर कहा गया। इसी कैलेंडर के तहत 1 जनवरी को आधिकारिक रूप से नए साल की शुरुआत घोषित की गई। हालांकि समय के साथ जूलियन कैलेंडर में खगोलीय गणनाओं से जुड़ी कुछ त्रुटियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने की जरूरत पड़ी।
ग्रेगोरियन कैलेंडर क्या है और क्यों हुआ लागू?
इन त्रुटियों को ठीक करने के लिए 1582 ईस्वी में पोप ग्रेगरी XIII ने ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया। यह कैलेंडर सूर्य चक्र (Solar Cycle) पर आधारित है। बता दें कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 365 दिन और लगभग 6 घंटे में करती है इसी गणना के अनुसार ग्रेगोरियन कैलेंडर बनाया गया। इसमें लीप ईयर की व्यवस्था भी जोड़ी गई, यही कैलेंडर आज दुनिया के अधिकतर देशों में मान्य है और इसी के अनुसार 1 जनवरी से नया साल शुरू होता है।
दुनिया में सभी जगह एक ही कैलेंडर क्यों माना जाता है?
ग्रेगोरियन कैलेंडर वैज्ञानिक रूप से अधिक सटीक होने के कारण धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, शिक्षा, प्रशासन और तकनीक के चलते सभी देशों ने इसी कैलेंडर को अपनाया। इसी वजह से आज पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नए साल का जश्न मनाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications