Independence Day 2024 Shayari: देशभक्ति की ये शायरी पढ़कर जिसका खून न खौला वो खून नहीं पानी है!

Independence Day 2024 Shayari: भारत के स्वतंत्रता दिवस पर, 15 अगस्त को, देश भर में एक गहरा उल्लास और गर्व का वातावरण होता है। यह दिन 1947 में ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता की प्राप्ति का प्रतीक है। इस देश की स्वतंत्रता के लिए कई महान व्यक्तित्वों ने अपने प्राण न्योछावर किये।

साथ ही आज़ाद भारत की अखंडता को बचाए रखने के लिए भी कई भारतीय सैनिकों ने अपना जीवन का बलिदान किया। कई कवियों व शायरों ने देशभक्ति और इन्हीं बलिदानों के लिए बेहतरीन शेर लिखे गये। भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेश हैं ऐसे ही देशभक्ति से भरपूर बेहतरीन शायरियां -

Happy Independence Day 2024 Shayari in Hindi

Happy Independence Day 2024 Shayari Swatantrata Diwas Par Famous Shayari in Hindi

1.
दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी।
लाल चन्द फ़लक

2.
वतन के जाँ-निसार हैं वतन के काम आएँगे
हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमाँ बनाएँगे।
जाफ़र मलीहाबादी

Happy Independence Day 2024 Shayari Swatantrata Diwas Par Famous Shayari in Hindi

3.
मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा।
अल्लामा इक़बाल

4.
जन्नत की ज़िंदगी है जिस की फ़ज़ा में जीना
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है।
अल्लामा इक़बाल

Happy Independence Day 2024 Shayari Swatantrata Diwas Par Famous Shayari in Hindi

Happy Independence Day 2024 Famous Shayari on Azadi in Hindi

5.
तन-मन मिटाए जाओ तुम नाम-ए-क़ौमीयत पर
राह-ए-वतन पर अपनी जानें लड़ाए जाओ।
लाल चन्द फ़लक

6.
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें।

Happy Independence Day 2024 Shayari Swatantrata Diwas Par Famous Shayari in Hindi

7.
गुलामी क्या थी यह हम क्या जानें
हमने तो हमेशा आजादी में सांस ली है।
गुलामी क्या है यह तो वही बता सकते हैं,
जिन्होंने आजादी के लिए जान दी है।

Swatantrata Diwas 2024 Shayari in Hindi

Happy Independence Day 2024 Shayari Swatantrata Diwas Par Famous Shayari in Hindi

8.
इन रगों में बहता लहू है बस वतनपरस्ती की
है सीने में जलती ज्वाला इसके हस्ती की
कोई लहर उसे क्या बहा लियेगी गह्ररी धारा में
हम जैसे पतवार रहें जिस भी कस्ती की ।

9.
यह बात हवाओं को भी बताए रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाजत वीर जवानों ने की,
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना।

10.
हम बलिदानों के आदी है,
उस हिन्द के फौलाद हैं।
जिस माटी में थे जन्मे भगत सिंह,
हम उस माटी के औलाद हैं ।।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, August 13, 2024, 13:17 [IST]
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