Latest Updates
-
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान -
होली पर पकवान खाकर पेट में जमा हो गई है गंदगी, तो बॉडी डिटॉक्स के लिए इन चीजों का करें सेवन -
Holi Bhai Dooj Katha: होली के बाद भाई दूज क्यों मनाते हैं? जानें भ्रातृ द्वितीया की पौराणिक कथा -
Holi Bhai Dooj 2026 Wishes: माथे की टीका...इन खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनों को दें होली भाई दूज की शुभकामनाएं -
होली की रात शारीरिक संबंध बनाना शुभ है या अशुभ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और पौराणिक मान्यताएं -
Holi 2026: होली में ज्यादा पी ली है भांग, तो नशा उतारने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय -
क्यों जलाई जाती है होलिका और क्यों खेलते हैं रंग? जानें होली से जुड़ी 5 अद्भुत और प्राचीन पौराणिक कहानियां
Mother’s Day 2025 : मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है.. इन शायरियों से जाहिर करें मां को अपना प्यार
mother's day 2025 shayari in hindi : 'मां' सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि भावना, शक्ति और ममता का प्रतीक है। जब भी यह शब्द लिया जाता है, तो उसमें त्याग, प्रेम और अनंत स्नेह की झलक दिखाई देती है। मां न सिर्फ जीवन देने वाली होती है, बल्कि वह अपने बच्चों के हर दुख-सुख में साझीदार बनकर उन्हें जीवन की राह दिखाती है। मां का प्यार निःस्वार्थ होता है और उसकी ममता किसी परिभाषा में नहीं समा सकती।
मां के बिना सृष्टि की कल्पना भी अधूरी है। इसलिए कहा जाता है कि अगर भगवान को देखना हो, तो मां के चेहरे में उसे देखा जा सकता है। मां के इस महान और अनमोल रूप को शब्दों में समेटना कठिन है, लेकिन शायरी के जरिए उसकी भावनाओं को जरूर छूने की कोशिश की जा सकती है। इस मदर्स डे पर मां के नाम लिखी इन शायरियों को भेजकर इस दिन को खास बनाएं।

मां के लिए प्यार भरी शायरी (mother's day 2025 shayari in hindi)
1. चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है
मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
मुनव्वर राना
2. एक मुद्दत से मिरी माँ नहीं सोई 'ताबिश'
मैं ने इक बार कहा था मुझे डर लगता है
अब्बास ताबिश
3. इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है
मुनव्वर राना
4. अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
मुनव्वर राना
5. किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई
मुनव्वर राना
6. जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है
माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है
मुनव्वर राना
7. स्याही खत्म हो गयी "माँ" लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी
- अज्ञात
8. भारी बोझ पहाड़ सा कुछ हल्का हो जाए
जब मेरी चिंता बढ़े माँ सपने में आए
-अख़्तर नज़्मी
9. मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ
-मुनव्वर राना
10. मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार
दुख ने दुख से बातें की बिन चिट्ठी बिन तार
-निदा फ़ाज़ली
11. ना आसमां होता ना जमीं होती,
अगर मां तुम ना होती।
- अज्ञात
12. रूह के रिश्तो की यह गहराइयां तो देखिए,
चोट लगती है हमें और दर्द मां को होता है।
- अज्ञात
13. जब जब कागज पर लिखा मैंने मां का नाम,
कलम अदब से बोल उठी हो गए चारों धाम
- अज्ञात
14. जब भीग गया वो सिरहाना मेरा,
मैने मां की गोद को सिरहाना बना लिया।
- अज्ञात



Click it and Unblock the Notifications











