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India Budget 2024: कब पेश किया गया था पहला पेपरलेस बजट, जानिए इसे शुरु करने का मकसद
India Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक फरवरी, 2024 को अंतरिम बजट पेश किया जाना है। बजट के जरिए सरकार की कोशिश होती है कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ आम जनता को ज्यादा से ज्यादा राहत दी जाए। बजट पेश करने का तरीका पहले के मुकाबले काफी बदल गया है।
अब सरकार की ओर से पेपरलेस बजट पेश किया जाता है। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि आखिर पेपरलेस बजट कब और क्यों पेश किया गया है?

देश का पहला पेपरलेस बजट
कोरोना वायरस संक्रमण के समय सरकार के सामने बजट पेश करना एक चुनौती थी, जिस कारण सरकार ने पेपरलेस बजट पेश करने का रास्ता चुना। इस वजह कोरोना महामारी के समय वर्ष 2021 में पहला पेपरलेस बजट पेश किया गया था। इसके बाद से देश में पेपरलेस बजट की परंपरा शुरू हो गई। वित्त मंत्री की ओर से अब टैबलेट के जरिए पेश किया जाता है। टैबलेट से ही वित्त मंत्री बजट के सभी महत्वपूर्ण बिंदु संसद में रखती हैं। वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 का बजट भी पेपरलेस था।
पहले बजट डॉक्यूमेंट की होती थी प्रिंटिग
पेपरलेस बजट का मतलब तो अब आप समझ ही चुके होंगे। आसान शब्दों में पेपरलेस बजट का मतलब डॉक्यूमेंट के डिजिटल स्वरुप से है। इससे पहले संसद के सदस्यों, मीडिया, इकोनॉमिस्ट्स और आम लोग सहित सभी के लिए बजट डॉक्यूमेंट्स की प्रिंटिंग होती थी। बजट फिजिकल रुप में सभी को उपलब्ध कराया जाता था। बजट डॉक्यूमेंट्स की ढुलाई के लिए ट्रकों का इस्तेमाल होता था। क्योंकि इसकी प्रिटिंग में काफी समय और पैसे खर्च होते थे। पेपरलेस बजट से यह समस्या खत्म हुई हैं। हालांकि अब भी डॉक्यूमेंट की प्रिटिंग होती है। लेकिन इनकी समस्या बहुत सीमित होती है।

यूनियन बजट ऐप पर देख सकते हैं बजट
बजट को संसादों के साथ सभी आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 'यूनियन बजट मोबाइल ऐप'चलाया जाता है। बजट पेश होने के बाद कुछ देर बाद इस ऐप पर उपलब्ध होता है। इसके जरिए आसानी से डिजिटल तरीके से सभी बजट डॉक्यूमेंट प्राप्त कर सकते हैं। इस पर यूनियन बजट से संबंधित 14 दस्तावेज होते हैं, जिसमें एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट (आम बजट), डिमांड फॉर ग्रांट (डीजी) और फाइनेंसियल बिल आदि होते हैं।
बता दें, ये ऐप नेशनल इन्फॉमेटिक सेंटर (NIC) की ओर से विकसित किया गया है। इसे वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर (DEA) द्वारा चलाया जाता है। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है।



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