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धीरे धीरे पत्थर बनता जा रहा है यह 8 साल का बच्चा
वो एक अजीब दुर्लभ बीमारी से पीड़ित था उसकी त्वचा पत्थर में बदल रही है। आइए जानते है रमेश के इस संघर्ष के बारे में-
यह कहानी है एक युवा लड़के की जिसका शरीर पत्थर में बदल रहा था, जब तक कि एक भली लड़की ने उसकी मदद नहीं की। जब कोई महिला मां बनने वाली होते है तो वो सोचती है कि बच्चा स्वस्थ और तंदुरुस्त होगा।
लेकिन कई बार किस्मत को कुछ और ही मंजूर होता है। कुछ मामलों में ऐसा मुमकिन नहीं हो पाता है। कई बार कुछ जटिलताओं के वजह से कुछ अजीब केस भी देखने को मिलते हैं।
आज हम आपको एक ऐसे ही बच्चें की काहानी के बारे में बता रहे हैं। जो एक दुलर्भ बीमारी से ग्रसित था। इस बच्चे का शरीर धीरे धीरे पत्थर का बन रहा था। देखिये 11 वर्षीय रमेश की कहानी जो एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है जो उसे सामान्य जीवन नहीं जीने दे रही थी।

11 साल की उम्र में जकड़ लिया दुलर्भ बीमारी ने
रमेश केवल 11 साल का है इसे एक दुर्लभ बीमारी है जिसे इचिथायोसिस कहा जाता है। इसमें, त्वचा जैसी एक कठोर परत बनती है।

डॉक्टर क्या कहते हैं?
डॉक्टर्स के अनुसार, जब किन्हीं स्थितियों में पेरेंट्स से कोई गलत जीन चला जाता है और यह त्वचा पर 'फिश स्केल' मछली जैसी परत का कारण बनता है।

उसका चलना फिरना अवरुद्ध है...
वह न बोल सकता है और ना ही चल सकता है क्यों कि उसका शरीर जम सा जाता है और अंग विकृत से थे।

उसकी मां ने कहा
रमेश की मां ने बताया कि उसके पैदा होने के 15 दिन के बाद ही उसकी त्वचा उतरने लगी। और नई त्वचा जो बन रही थी बहुत मोटी थी। और ये बहुत ही कठोर सी बनती जा रही थी। हमको समझ नहीं आ रहा था ये क्या हो रहा है? और हमें कोई मदद करने वाला भी नहीं था।

डॉक्टर ने भी मना कर दिया
डॉक्टर के पास जब ये केस पहुंचा तो उन्होंने दावा किया कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है उसे रोजाना की देखभाल के साथ ही मैनेज करना होगा।

ब्रिट सिंगर जोस स्टोन बनी मसीहा
फिर रमेश की जिंदगी में ब्रिट सिंगर जोस स्टोन उसके लिए मसीहा बनी। उसने गिग में परफ़ोर्म करके उसके इलाज के लिए £ 1,375 की राशि जुटाई। और रमेश का इलाज करवाया इसके अलावा उसने एक पूरा दिन रमेश के साथ बिताया और उसे गिफ्ट्स और चॉकलेट्स भी दी।

उसने इसके बारे में कैसे जाना?
उसने रमेश का विडियो देखा जिससे पता चला कि वो चल फिर नहीं सकता है। उसने राजधानी काठमांडू में अपने कंसर्ट से फंड जुटाया जहां वो परफ़ोर्म करने वाली थी।

अब उसकी हालत में हो रहा है सुधार
डॉक्टर जो उसका इलाज कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जब उसे भर्ती करवाया गया था तो उसकी स्थिति बेहद खराब थी।
उसके शरीर से धीरे धीरे परत निकालनी पड़ी जिसे हमें दो हफ्तों का समय लग गया। इस दौरान एंटीबॉयोटिक देना पड़ा ताकि शरीर के दूसरे हिस्सों में इंफेक्शन ना पहुंचे। मॉश्चराइजर और दवाईयों की मदद से उसके शरीर से मृत कोशिकाएं निकाली। आगे उन्होंने कहा कि इन सभी कोशिश के दौरान हम जोस स्टोन को शुक्रिया अदा करेंगे जिन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया।



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