प्राचीन समय के इस इंडियन सेक्‍स गेम के बारे में सुनकर आप शॉक्‍ड हो जाएंगे

आइए जानते है ऐसे ही प्राचीन सेक्‍स से जुड़े खेल या क्रीड़ाओं के बारे में जिनका प्राचीन समय में अनुसरण किया जाता था।

भारत ही वो जगह है,‍ जिसने विश्‍व को कामसूत्र दिया है, इसलिए आप यह जानकर बिल्‍कुल भी अचम्‍भा नहीं होना चाहिए कि पुराने जमाने के लिए लोग सेक्‍स को लेकर कितने एक्टिव थे और यह उनके मनोरंजन की क्रियाओं में से एक था। भारत में ऐसी कई सेक्‍स प्रथाएं और इससे सम्‍बंधित क्रीड़ाए थी जिनके बारे में आप सुनेंगे तो विश्‍वास नहीं करेंगे। आइए जानते है ऐसे ही प्राचीन सेक्‍स से जुड़े खेल या क्रीड़ाओं के बारे में जिनका प्राचीन समय में अनुसरण किया जाता था।

प्राचीन समय में भारत के कुछ स्‍थानों पर घाट कनचूकी नामक खेल खेला जाता था। इन खेल के अजीबो गरीब नियमों के बारे में जानकर आप आश्‍चर्यचकित हो सकते हैं। आइए जानते है कि इस खेल के पीछे क्‍या काहानी छिपी है।

यह खेल ...

यह खेल ...

प्राचीन समय में काफी लोकप्रिय एक खेल था जिसे 'घाट कांचुकी' कहा जाता था। इस खेल की स्पष्ट प्रकृति और नियम के बारे में सुनकर इस सदी में रहने वाले लोगों का दिमाग चकरा सकता है।

 खेल के नियम ...

खेल के नियम ...

इस खेल में, पुरुषों और महिलाओं के एक समूह को जनता के मनोरंजन के लिए यौन क्रियाओं में शामिल किया जाता था। ये खेल तब तक चलता रहता था, जब तक समूह का प्रत्येक व्यक्ति के महिलाओं के समूह के प्रत्‍येक महिला के साथ यौन संबंध न बना ले।

इस खेल को जारी करने के नियम.. .

इस खेल को जारी करने के नियम.. .

खेल के नियम सरल थे, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की समान संख्या होती थी, जो रात में चुपके से इकट्ठे होते थे। इस खेल को खेलने के लिए किसी भी जाति, धर्म और संबंधों के बारे में नहीं सोचा जाता था। समूह में सभी लोग एक कागज के चारों ओर बैठकर एक 'चक्र' या पहिया का चित्र बनाया करते थे।

 कुछ और नियम ...

कुछ और नियम ...

इस खेल में महिलाओं को खुद को सबको लुभाने के लिए अपने कपड़े उतारकर केंद्र में बने एक घड़े पर रख देने होते थे। इसके बाद प्रत्‍येक आदमी जाता था और उस घड़े में से कपड़े उठाता था, और उसके हाथ जिसके कपड़े लगते थे वो उस पुरुष की उस रात की साथी होती थी। यह खेल तब तक चलता रहता था। जब तक प्रत्‍येक स्‍त्री, प्रत्‍येक आदमी के साथ यौन संबंध न बना लें।

खेल के बाद

खेल के बाद

हिंदू तंत्रिका पाठ के अनुसार, जो कुलार्नवा में भी भी इसका उल्लेख किया गया था कि उस रात के दौरान जो कुछ भी अच्छा या बुरा होता था, इस खेल में भाग लेने वाले महिला और पुरुष किसी को भी नहीं बताना होता था।

यह खेल कामसूत्रा की धरती पर खोजा गया था

यह खेल कामसूत्रा की धरती पर खोजा गया था

भारत वो जगह है, जहां कामसूत्र लिखा गया था और खजुराहो की मूर्तियां न केवल कामुक प्रेम को दर्शाती हैं, बल्कि संभोग के बहुत सारे विचित्र स्थितियों के बारे में भी बताती है। इन सबसे चीजों से हम अनुमान लगा सकते है कि उस समय मनोरंजन के लिए ऐसो खेलो की खोज की गई थी।

Story first published: Wednesday, May 31, 2017, 10:15 [IST]
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