Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
कैलिफोर्निया की इस बिल्ली को मिला स्कूल में एडमिशन और आईडी कार्ड
कैलिफोर्निया के सेन जॉस की एक पालतू बिल्ली बुब्बा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बिल्ली को अपने घर के नजदीकी स्कूल में ही दाखिला मिल गया है।
कैलिफोर्निया के सेन जॉस में एक पालतू बिल्ली बुब्बा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बिल्ली को अपने घर के नजदीकी स्कूल में ही दाखिला मिल गया। जी हां आप सुनकर दंग रह गए होंगे कि क्या अब एक बिल्ली भी स्कूल जाएंगी?
जी हां ये बिल्ली हर दिन स्कूल जाती है, हर स्पोटर्स इवेंट को अटैंड करती है और स्कूल कैम्पस में आराम से घूमती हुई नजर आ जाती है। बुब्बा भी अब बाकी स्टूडेंट्स की तरह इस स्कूल का हिस्सा है।
इसलिए स्कूल प्रशासन ने बुब्बा के लिए स्कूल आईडी कार्ड भी जारी कर दी है ताकि दूसरे बच्चों की तरह वो भी क्लास अटैंड कर सकें और स्कूल के हर एक्टिविटी में भाग ले सकें।

स्कूल में जाती थी घूमने
बुब्बा अपने मालिक एम्बर मैरेंथल और उसके परिवार के साथ एक स्कूल के पास ही बने एक घर में रहती है। हालांकि, इस बिल्ली के मालिक का कहना है कि हम चाहते थे कि ये इनडोर कैट ही रहे, इसे हमने 2009 में गोद लिया था।
लेकिन ये हमेशा से ही बाहर घूमने के लिए उत्सुक रहती थी। परिणामस्वरूप, बुब्बा ज्यादा से ज्यादा समय घर के बाहर बिताने लगी और घूमने फिरने के इसके इस शौक ने घर के पास बने स्कूल तक पहुंचा दिया। स्कूल में बहुत ज्यादा समय व्यतीत करने की वजह से नतीजा यह हुआ कि वो अब सबका चेहेता स्टार बन चुका है। बुब्बा जब कभी स्कूल से गायब रहती है तो स्कूल प्रशासन और उसके दोस्तों का उसकी खैर खबर पूछने के लिए फोन आ जाता है।

एक म्याऊं ही काफी है
न सिर्फ बुब्बा बल्कि स्कूल का स्टाफ और बच्चें भी बुब्बा को लेकर एक्साइटेड रहता है। वो वहां सबसे बखूबी परिचित हो चुका है। बुब्बा को पूरे स्कूल में कहीं भी आने-जाने की अनुमति है और वो किसी भी क्लास में बैठ सकता है। अगर उसे क्लास से बाहर जाना होता है वो बाकी बच्चों की तरह अपने पंजे नहीं उठाता है बल्कि उसके एक बार म्याऊं बोलने से ही उसके लिए दरवाजे खोल दिए जाते हैं। बुब्बा

बिल्ली का मालिक भी हैरान
बुब्बा को स्कूल में चहलकदमी करते हुए किसी के पैरों के नीचे आने का डर नहीं रहता है। स्कूल आवॅर्स के दौरान कई बार बुब्बा को सॉकर गेम ग्राउंड पर भी सॉकर का लुत्फ उठाते हुए भी देखा जाता है। बुब्बा आसानी से स्कूल में प्रवेश कर सकें इसके लिए उसका एक आईडी कार्ड भी बनाया गया है। बुब्बा घर भी तभी वापस आता है , जब बाकी बच्चें स्कूल की छुट्टी होने के बाद आते है। इस बारे में उसके मालिक का कहना है कि मैं बुब्बा की गतिविधियों को लेकर काफी हैरान हूं इसे बाकी बिल्लियों की तरह बिल्कुल भी डर नहीं लगता है और वो काफी सोशल है।

36 घंटे रही क्लास में बंद
एक वाकये को याद करते हुए बुब्बा के मालिक बताते हैं कि बुब्बा स्कूल में स्पोट्रर्स प्रेक्टिस के बाद घर आती थी लेकिन एक दिन गलती से वो 36 घंटों के लिए एक क्लास में बंद हो गई थी। उसकी म्याऊं म्याऊं की आवाज सुनने के बाद सिक्योरिटी ने इसे बाहर निकाला।

स्कूल टीचर्स के साथ फ्रैंडली
बुब्बा स्कूल की टीचर्स के साथ इतना घुल-मिल गई है कि ये टीचर्स से ट्रीट की डिमांड भी म्याऊ म्याऊ करके कर लेती है। बुब्बा को जब तक उसकी फेवरेट टीचर से ट्रीट नहीं मिलती है तब तक वो दरवाजे पर बैठे उनका इंतजार करती रहती है।

फेसबुक पर पेज भी
पूरे स्कूल में इसके चर्चे हैं और अब इसका एक फेसबुक पेज भी है जिसमें इसके लगभग 3000 फैन्स हैं। मैरेंथल कहते हैं कि छात्रों ने बुब्बा की एक प्रतिमा भी परिसर में लगाने की सोची लेकिन ये कैम्पस नियमों के विपरीत होने के कारण नहीं हो सका। हालांकि, अब बुब्बा को इस स्कूल का आईडी मिल गया है जो छात्रों ने प्रयास करके दिलवाया। अब बुब्बा भी इस स्कूल की स्टूडेंट है।
बुब्बा का उत्साह पढ़ाई और स्कूल को देखकर ऐसा लगता है कि मानों वो अब इस स्कूल से ग्रेजुएट होकर ही निकलेगी।
Image Source



Click it and Unblock the Notifications
