Women's Day: कभी सेना की यूनिफॉर्म पहनने का देखती थी सपना, आज है IAF की पहली महिला फ्लाइट इंजीन‍ियर

अपने बुलंद हौंसलों और प्रतिभा के दम पर देश में हर जगह महिलाएं अपने मौजूदगी दर्ज करवा रही हैं। चाहे बात प्राशानसिक सेवाओं की हो या फिर डिफेंस सेक्‍टर की। महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। देश की रक्षा का बीड़ा उठाने में भी महिलाएं अब पीछे नहीं रही हैं। इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में महिला शक्ति अपने साहस का परचम लहरा रही है। आज हम अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ऐसी एक जाबांज मह‍िला हिना जायसवाल से मिलवाने जा रहे हैं, जो हाल ही में भारतीय वायु सेना की पहली महिला फ्लाइट इंजीनियर बनी है।

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ की हिना, बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देखा करती थी, लेकिन अब उन्‍होंने अपनी कड़ी मेहनत से अपना सपना साकार कर लिया है, वो भी इंडियन एयरफोर्स की पहली महिला फ्लाइट इंजीनियर बनकर।

बैंगलुरु से पूरी की ट्रेनिंग

बैंगलुरु से पूरी की ट्रेनिंग

ह‍िना इसी साल वायुसेना में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हुई है। व‍ह फ्लाइट इंजीनियर रहते हुए ऑपरेशनल हेलीकॉप्‍टर यूनिट्स में शामिल होंगी। हिना ने बैंगलुरु के येलाहंका स्थित 112 हेलीकॉप्‍टर एयरफोर्स स्‍टेशन से फ्लाइट इंजीन‍ियरिंग का कोर्स किया है और अब वो अपने सपनों को साकार करते हुए दिखेंगी।

पुरुषों की तरह ली टफ ट्रेनिंग

पुरुषों की तरह ली टफ ट्रेनिंग

हिना, वर्ष 2014 फ्लाइट इंजीनियर कोर्स के लिए चुनी गई थीं। उन्होंने आईएएफ की इंजीनियरिंग ब्रांच में 5 जनवरी, 2015 में यह कोर्स शुरू किया था। इससे पहले उन्होंने एयर मिसाइल स्क्वॉड्रन के लिए फ्रंटलाइन सरफेस में चीफ ऑफ फायरिंग टीम और बैट्री कमांडर के तौर पर काम किया था। छह महीने में हिना ने सख्त प्रशिक्षण लिया। यह ठीक वैसा ही था जो पुरूषों को दिया जाता है।

बचपन से था यूनिफॉर्म का शौक

बचपन से था यूनिफॉर्म का शौक

ह‍िना को बचपन से सेना में जाना था, उनके पैरेंट्स का कहना है कि जब वो छोटी थी, अक्‍सर सैनिकों की यूनिफॉर्म पहना करती थी, लेकिन आज उन्‍होंने अपना सपना पूरा कर खुद की यूनिफॉर्म कमा ली है।

हमें नाज है हिना जैसी बेटियों पर जो अपने सपनों को साकार कर, देश के सामने नए आयाम स्‍थापित कर रही हैं।

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