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Father's Day: इस साल कौन सी तारीख को मनाया जाएगा फादर्स डे, जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास
समाज में पिता को उच्च दर्जा प्राप्त है। बच्चों की परवरिश में माता पिता का बहुत बड़ा रोल होता है। मां नौ महीने बच्चे को अपने गर्भ में रखती है और उसकी धड़कन तक को खुद में महसूस करती है। वहीं एक पिता घर में नन्हे मेहमान के आने की खबर सुनकर ही उसे बेहतर जीवन देने के बारे में सोचने लगता है। वो अपने बच्चे को दुनियाभर की खुशियां देना चाहता है। पिता द्वारा निभाए इस रिश्ते का कर्ज कोई औलाद कभी नहीं उतार सकती है। मगर उनके सम्मान में साल का एक दिन जरुर रखा गया। हर साल पिता के पद का आदर करने के लिए जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है।

साल 2021 में फादर्स डे
पिता के रिश्ते की तुलना किसी से नहीं की जा सकती है। मदर्स डे की ही तरह हर साल एक दिन खासतौर से पितृत्व का जश्न मनाया जाता है। साल 2021 में फादर्स डे 20 जून को मनाया जाएगा। यह दिन महीने का तीसरा रविवार पड़ेगा।

फादर्स डे का इतिहास
फादर्स डे मनाने की परंपरा की शुरुआत वॉशिंगटन डीसी से हुई। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले फादर्स डे सोनोरा डॉड ने वाशिंगटन के स्पोकन शहर में 1910 में मनाया। डॉड को ऐसा करने की प्रेरणा मदर्स डे से मिली। इनकी माता बचपन में ही गुजर गई थीं। तब इनकी परवरिश की पूरी जिम्मेदारी इनके पिता ने संभाली और मां का कर्तव्य भी पूरा किया।
धीरे धीरे लोगों ने भी फादर्स डे जैसे दिन को स्वीकार किया। साल 1924 में अमेरिकी राष्ट्रपति कैल्विन कोली ने भी फादर्स डे मनाने के लिए अपनी मंजूरी दिन। इतना ही नहीं, साल 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की आधिकारिक घोषणा ही कर दी। साल 1972 में अमेरिका में फादर्स डे पर स्थायी अवकाश का ऐलान किया गया। अब फादर्स डे मनाने का चलन पूरी दुनिया में देखा जा रहा है और इससे भारत भी अछूता नहीं रह गया है।

फादर्स डे का महत्व
इस दिन का महत्व बताने के लिए शब्द शायद कम पड़ जाएंगे। दुनिया के अपरिभाषित शब्दों की फेहरिस्त में पिता शब्द भी शामिल है। इस जहान में पिता ही एक ऐसा व्यक्ति है जो अपनी संतान की तरक्की देखकर फूला नहीं समाता है। वह खुद से ज्यादा बच्चों की प्रगति चाहता है। भारतीय सभ्यता में तो माता और पिता को भगवान का दर्जा दिया गया है। मगर बदलते परिदृश्य में बच्चे उस तरह का आदर अपने बड़ों को नहीं दे रहे हैं। वो अपने मूल्यों को ही भूलते जा रहे हैं। फादर्स डे एक जरिया जिसके माध्यम से बच्चों ये पता चल सके कि इस रिश्ते में पिता के एक कांधे पर प्रेम और दूसरे कांधे पर जिम्मेदारी साथ साथ चलती है।



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