पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन, इन बातों के लिए हमेशा किया जाएगा उन्हें याद

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का 66 साल की उम्र में निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से उन्हें 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से उनकी सेहत में और गिरावट देखी जाने लगी। बीते शुक्रवार से पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली की हालत और गंभीर हो गयी और उनका डायलसिस भी किया गया था। गौरतलब है कि पिछले साल 2018 में उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट और बैरियाट्रिक सर्जरी करवाई थी।

Former Finance Minister Arun Jaitley

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने कई मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित की। वो मोदी टीम के बड़े नेताओं में शुमार रहे। देश उन्हें उनके दो कड़े फैसलों के लिए हमेशा याद करेगा। अरुण जेटली ने ही देश में नोटबंदी और जीएसटी (GST) लागू करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। लंबी बीमारी से संघर्ष करने के बाद अरुण जेटली अपनी अंतिम यात्रा के लिए निकल चुके हैं। राष्ट्र शक्ति, संसद की गरिमा बनाए रखने जैसे कई अहम बिंदुओं पर जनता का ध्यान आकर्षित करने का मौका जेटली ने कभी नहीं छोड़ा।

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"अगर भारत नहीं बचता है तो कौन रहेगा?"

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"नफरत भरे भाषण मुक्त भाषण का हिस्सा नहीं हो सकते हैं।"

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"संसदीय बाधा से बचा जाना चाहिए।"

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"यदि समाज के कुछ कमजोर वर्ग संकट से ग्रस्त हैं, तो मानवता कहती है कि सबसे पहले उनकी बात को आगे रखा जाना चाहिए।"

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"हम एक सरकार के रूप में आलोचना के हकदार हैं।"

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"Educating and skilling our youth to enable them to get employment is the altar before which we must all bow."

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"It is obvious that incremental change is not going to take us anywhere. We have to think in terms of a quantum jump."

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"We need to cut subsidy leakages, not subsidies themselves."

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