Latest Updates
-
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral
गूगल में नौकरी के लिए 2004 में सुंदर पिचाई ने दिया था इंटरव्यू, अब बनेंगे एल्फाबेट के सीईओ
हर भारतीय इस खबर से गौरान्वित महसूस कर रहा है कि विश्व की सबसे बड़ी टेक कंपनी में से एक गूगल ने उसकी मूल कंपनी एल्फाबेट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी एक भारतीय को चुना है। एल्फाबेट के सीईओ का कार्यभार अब सुंदरराजन पिचाई संभालेंगे। गौरतलब है कि गूगल बनाने वाले लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने कंपनी के अध्यक्ष पद से हटने का ऐलान कर दिया है। इनके इस्तीफे के बाद ही सुंदर पिचाई को यह जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया। पिचाई ने साल 2015 में गूगल के सीईओ का कार्यभार संभाला था। आज जानते हैं गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट के CEO चुने गए सुंदर पिचाई के जीवन से जुड़ी कुछ बातें।

सुंदर पिचाई का जन्म
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों को अपनी सेवा प्रदान कर रहे सुंदर पिचाई का जन्म 12 जुलाई, 1972 में मदुरै (तमिलनाडु) में एक तमिल परिवार में हुआ था।

पिता से मिली प्रेरणा
सुंदर के पिता रघुनाथ पिचाई जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी (जीइसी) में सीनियर इलेक्ट्रिकल इंजिनियर के तौर पर काम करते थे। सुंदर पिचाई की मां लक्ष्मी स्टेनोग्राफर थीं। सुंदर ने अपने जीवन का प्रेरणा स्रोत अपने पिता को बताया। उनके मुताबिक वो एक सच्चे मार्गदर्शक हैं और उनको देखकर ही उन्होंने अपने करियर में तकनीकी पढ़ाई करने का फैसला किया।

सादगी से भरा जीवन
सुंदर पिचाई एक इंटरव्यू में बताते हैं कि उनका बचपन काफी सादगी में बीता है। चेन्नई में रहने के दौरान वो दूसरे किरायेदारों की तरह सामान्य से घर में रहते थे। घर के हॉल के फर्श पर ही सोया करते थे। जब वहां का तापमान ज्यादा गर्म होने लगा तब उन्हें इस बात की चिंता थी कि दूसरों के घर में रेफ्रिजरेटर है लेकिन हमारे पास नहीं। मगर बाद में ये सुविधा उन्हें भी मिली और यह उनके लिए एक बड़ी बात थी।

शिक्षा
सुंदर पिचाई ने अपनी बैचलर डिग्री आईआईटी, खड़गपुर से ली है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के स्टैनडफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस की पढ़ाई की और वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए पूरा किया।

कॉलेज में मिली जीवनसाथी
सुंदर पिचाई की पत्नी का नाम अंजलि है जो आईआईटी, खड़गपुर में इनकी कॉलेज मेट थीं। इनके दो बच्चे भी हैं।

आर्थिक तंगी को नहीं बनने दिया रोड़ा
सुंदर पिचाई इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप मिलने के बावजूद उनके पिता को उनके टिकट के लिए काफी खर्चा करना पड़ा था जो उस वक्त उनके पिता के एक साल की सैलरी के बराबर थी। सुंदर स्टैनफोर्ड में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहते थे। साथ ही, पैसों की बचत के लिए वो पुरानी चीजों का इस्तेमाल करते थे।

2004 में जुड़े गूगल से
1 अप्रैल 2004 को सुंदर पिचाई गूगल से जुड़े थे। यहां उन्हें प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर का पदभार दिया गया था। उन्हें गूगल के सर्च टूलबार को बेहतर बनाकर दूसरे ब्राउजर के ट्रैफिक को गूगल पर लाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसी दौरान उन्होंने गूगल को अपना ब्राउजर लांच करने का सुझाव दिया था।
गूगल के साथ शुरू किया ये सफर आज उन्हें एल्फाबेट के सीईओ के पद तक ले आया है। उनकी मेहनत न सिर्फ तकनीकी जगत में बल्कि हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आपको बता दें कि एल्फाबेट 893 अरब डॉलर (64 लाख करोड़ रुपये) की बाजार पूंजी के साथ दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी है। वहीं पहले नंबर पर एप्पल और दूसरे पायदान पर माइक्रोसॉफ्ट है।



Click it and Unblock the Notifications











