Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
आर्थिक समानता भी है महिलाओं का अधिकार, खुद को फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए उठाए ये कदम
दुनियाभर में महिलाओं ने अपनी आजादी और अधिकारों के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है और इस दौरान महिलाओं ने कई मुश्किलें भी झेली हैं। उन महिलाओं और उनके बलिदानों को याद करने के लिए महिला समानता दिवस सेलिब्रेट किया जाता है। आज के समय में महिलाओं को कई तरह के अधिकार प्राप्त हैं और इसलिए यह माना जाता है कि महिलाएं पुरूषों के समकक्ष हैं। लेकिन वास्तविकता इससे परे हैं। अब महिलाओं को भले ही घर से बाहर निकलकर काम करने की अनुमति मिल गई हो या फिर विभिन्न क्षेत्रों में उनके लिए जगह आरक्षित हो, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि महिलाओं को पुरूषों के समान अधिकार प्राप्त हैं। आज भी महिलाएं वित्तीय रूप से पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं हैं और कई तरह के वित्तीय फैसले लेने की अनुमति उन्हें नहीं है।
इसलिए, अगर सच में महिला समानता दिवस को सेलिब्रेट करना है, तो पहले महिलाओं को कुछ फाइनेंशियल पावर देनी भी आवश्यक हैं। तो चलिए जानते हैं इन्हीं के बारे में-

पुरूषों के बराबर वेतन मिलना है जरूरी
महिला चाहे किसी भी क्षेत्र में हो, लेकिन एक बात यह सच है कि महिलाओं को पुरूषों के बराबर वेतन नहीं मिलता है। जब एक समान काम के लिए स्त्री व पुरूष दोनों को अलग-अलग वेतन दिया जाता है, तो यह कहीं ना कहीं स्त्री की वित्तीय स्वतंत्रता व उसके अधिकारों का हनन है। ऐसा कई बार हुआ है, जब महिलाओं ने खुलकर इस विषय पर अपनी आवाज उठाई है, लेकिन फिर भी यह सिलसिला आज तक बदस्तूर जारी है। अगर बात समानता की हो तो सैलरी में फर्क क्यों?

घर के वित्तीय मामलों में बोलना शुरू करें
चाहे एक महिला कामकाजी हो या फिर वह हाउसवाइफ हो, अक्सर यह देखा जाता है कि महिला को हाउसहोल्ड फाइनेंस में बोलने की अनुमति नहीं मिलती है। अगर वह अपनी राय रखती हैं तो इसे बदतमीजी समझा जाता है या फिर उन्हें ही यह अहसास करवाया जाता है कि वह इन विषयों के लिए बहुत अधिक समझदार नहीं है। लेकिन अब वक्त आ गया है कि आप घर के वित्तीय निर्णयों में अपनी राय प्रमुखता के साथ रखें। हो सकता है कि शुरुआत में आपसे गलतियां हों, लेकिन कुछ समय के बाद आप पर्याप्त रूप से फाइनेंशियली मैच्योर हो जाएंगी। ऐसा करने से आपकी फाइनेंशियल डिपेंडेंसी भी खत्म होगी। एनसीएडीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू हिंसा पीड़ित में से से 94 फीसदी से 99 फीसदी के बीच महिलाएं आर्थिक शोषण का शिकार भी थी।

एक अलग बैंक खाता बनाएं
अधिकतर महिलाएं अपने पार्टनर के साथ ज्वॉइंट अकाउंट खुलवाती हैं। यकीनन रिश्ते में फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी होना अच्छी बात है, लेकिन फिर भी महिला को केवल आपके नाम पर एक अलग खाता रखना ही चाहिए। एक अलग बैंक खाता वित्तीय स्वतंत्रता की भावना प्रदान करता है। एक अलग बैंक खाता आपको यह अनुमति देता है कि आप अपनी अलग सेविंग्स को अपनी मर्जी से खर्च कर सकें। इसके लिए, आपको अलग से पैसे मांगने की जरूरत नहीं है और ना ही हर छोटे-छोटे खर्च का ब्यौरा देने की आवश्यकता है। इतना ही नहीं, एक अलग बैंक खाता आपको पैसों को अच्छी तरह से मैनेज करने में भी मदद करेगा।

निवेश करने के लिए खुद पर करें भरोसा
अक्सर यह देखने में आता है कि महिलाएं जल्द निवेश नहीं करती हैं, क्योंकि उन्हें इस मामले में खुद पर भरोसा ही नहीं होता है। वह कुछ सिक्योर ऑप्शन के जरिए बचत करना अधिक आरामदायक महसूस करती है। अगर आप भी ऐसा ही सोचती हैं, तो अब समय आ गया है कि आप साहसी बनें और जोखिम उठाएं। कभी भी यह ना सोचें कि पुरुष महिलाओं की तुलना में बेहतर निवेशक हैं। हालांकि यह सच है कि पुरुष आमतौर पर अधिक जोखिम उठाते हैं और महिलाएं बेहतर रिटर्न की अपेक्षा रखती हैं। बेहतर होगा कि आप निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार की मदद से कुछ ज्ञान अर्जित कर लें। इससे आपके लिए बेहतर ढंग से निवेश करना अधिक आसान हो जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications
