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OMG: इस आम की कीमत जान उड़ जाएंगे होश, हर्ष गोयनका ने भी हैरत के साथ किया पोस्ट
गर्मी से भरी दोपहर में एक प्लेट रसीले-मीठे आम किसी जन्नत से कम नहीं लगते हैं। भारत में सबसे प्रचलित फलों में से यह फल महज़ एक फल नहीं बल्कि एक भावना है जो हर भारतीय से जुड़ी है।
सफेदा, सिन्दूरी, लंगड़ा, दशहरी जैसे आमों के बारे में तो हम सुनते आए हैं लेकिन दुनिया में कई दुर्लभ आम भी पाए जाते हैं। यह फल बहुत सारे व्यंजनों का भी हिस्सा बनते हैं, चाहे वह स्टार्टर, मेन कोर्स हो या फिर मिठाई या कोई ड्रिंक।

हाल ही में प्रचलित उद्योगपति हर्ष गोयनका ने ट्विटर पर 'दुनिया के सबसे महंगे आम' मियाजाकी की एक तस्वीर पोस्ट की और उस फल की कीमत हर किसी के होश उड़ा रही है।
उन्होंने लिखा, 'आम की असामान्य जापानी नस्ल मियाज़ाकी को दुनिया का सबसे महंगा आम कहा जाता है, जो 2.7 लाख रुपये प्रति किलो बिकता है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक किसान परिहार ने दो पेड़ों की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और 6 कुत्ते रखे हैं।'
पोस्ट वायरल हो गई है और इसे अब तक 2.8k लाइक मिले हैं और लोगों ने इंटरनेट पर अपनी राय व्यक्त की है। जबकि कुछ ने कहा कि शायद आम के रंग के कारण लोगों को यह आकर्षक लग रहा है और उन्होंने इसे पहले कभी नहीं देखा है, दूसरों ने कहा है कि '40 रुपये किलो आम का स्वाद भी अच्छा होता है।'
मियाज़ाकी है जापानी नस्ल का आम
मियाज़ाकी आम की एक नस्ल है जो जापान के मियाज़ाकी शहर से आती है और यह मुख्य रूप से अप्रैल से अगस्त महीनों में उगाई जाती है। इसका रंग रूबी या बैंगनी होता है और जब यह पक जाता है तो यह लाल रंग का हो जाता है।
मियाज़ाकी आम को दुनिया के सबसे महंगे आम होने का गौरव हासिल है। भारत में इस उत्तम फल की कीमत 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है।
भारत में बिका 40 हज़ार का यह आम
TNIE समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बागवानी अधिकारियों ने हाल ही में मध्य प्रदेश से 40,000 रुपये में एक मियाज़ाकी आम खरीदा है। फल को कोप्पल के मेले में प्रदर्शित करने के लिए रखा गया था। यह मेला किसानों और फलों के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, जहां बेहतरीन फलों की एक झलक पाने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं।
मियाज़ाकी आम के बारे में विस्तार
मियाज़ाकी आम के पकने का प्रोसेस बहुत ही शानदार रहता है। प्रारंभ में, इसका रंग बैंगनी होता है, हालांकि, एक बार जब यह अपने चरम पर पहुंच जाता है, तो यह लाल रंग में बदल जाता है।
साइज की बात करें तो इसका वजन लगभग 350 ग्राम होता है, हालांकि परिस्थितियां अनुकूल होने पर यह 900 ग्राम तक बढ़ सकता है। जापान के अलावा भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और फिलीपींस में इस फल की खेती की जाती है।
इस विदेशी और शानदार फल को उगाने और इसके स्वाद को विकसित करने के लिए खासतौर की परिस्थितियों की आवश्यकता होती है- गर्म मौसम, प्रचुर मात्रा में वर्षा और लंबे समय तक सूर्य के प्रकाश के संपर्क में रहना आदि। मियाज़ाकी के अलावा, 6 अन्य आम हैं जो दुनिया भर में लोकप्रिय हैं- अल्फांसो, चौसा, काराबाओ, डायमंड, अताउल्फो और टॉमी एटकिंस।
जापान से भारत के मध्य प्रदेश कैसे आया यह आम?
किसान संकल्प सिंह परिहार ने ट्रेन यात्रा के दौरान एक अजनबी से मियाज़ाकी आम का पौधा प्राप्त किया। परिहार पांच साल पहले विशिष्ट नारियल के बीज की तलाश में चेन्नई आए थे। ट्रेन में उनके बगल में बैठे एक यात्री ने उन्हें 2,500 रुपये में एक आम का पौधा बेचने की पेशकश की।
परिहार को थोड़ा संदेह हुआ, लेकिन उन्होंने इस आम के पौधे को एक मौका देने का फैसला किया। उन्होंने जबलपुर लौटने के बाद पौधा लगाया, तो यह पहले आम के सामान्य पौधे की तरह बड़ा हुआ, लेकिन कुछ महीनों के बाद, इसके फल सुंदर लाल रंग के हो गए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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