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Muharram 2025: मुहर्रम में बाल और नाखून काटने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहता है इस्लाम
Muharram 2025 Islamic Rule: मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है, जिसे बहुत ही पवित्र और गमगीन महीना माना जाता है। खासकर 10वीं मुहर्रम यानी 'यौमे आशूरा' को इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में गहरा शोक मनाया जाता है। इस दौरान कई मुस्लिम समुदायों में श्रद्धा, संयम और आत्मसंयम का विशेष पालन किया जाता है।
ऐसे में कई लोग यह सवाल करते हैं कि क्या मुहर्रम में बाल और नाखून काटना मना है? आइए जानते हैं इस बारे में इस्लामी दृष्टिकोण और परंपरागत मान्यताएं।

मुहर्रम में बाल और नाखून काटने को लेकर क्या कहती है शरीयत?
इस्लामी शरीयत में मुहर्रम के महीने में बाल और नाखून काटने को लेकर कोई स्पष्ट मनाही नहीं है। कुरआन या हदीस में ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि इस महीने में बाल या नाखून नहीं काटे जा सकते। हालांकि, कुछ लोग व्यक्तिगत श्रद्धा और शोक की भावना से प्रेरित होकर आशूरा तक यह कार्य नहीं करते। यह एक संवेदनशील धार्मिक परंपरा है, न कि कोई शरिया का अनिवार्य नियम।

सिया या सुन्नी कौन करते हैं परहेज?
मुहर्रम में बाल और नाखुन काटने की शरीयत में कोई मनाही नहीं है। मगर धर्मगुरुओं के अनुसार, मुहर्रम में बोहरा और शिया मुस्लिम बाल और नाखुन काटते हैं। वहीं सुन्नी मुस्लिम बाल और नाखुन काटने से परहेज करते हैं। दरअसल सिया मुसलमान आशूरा तक गम और मातम के प्रतीक स्वरूप सजावट और शारीरिक सौंदर्य से परहेज करते हैं। वो बाल और नाखून काटना, दाढ़ी बनाना या खुशबू लगाना को कुछ लोग शोक के विरुद्ध मानते हैं।

सिया और शुन्नी कैसे मनाते हैं मुहर्रम
बता दें कि सिया मुस्लिम मुहर्रम के दौरान काले कपड़े पहनते हैं शोक मनाते हैं और जुलुस निकालते हैं। वहीं सुन्नी मुसलमान रोजा रखते हैं। वो इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं। जैसे कि निकाह करना, सगाई करना या कोई पार्टी करना।



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