Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Mukhtar Ansari Funeral: मुस्लिम क्यों शव को दफनाते हैं, क्या होते हैं सुपुर्द-ए-खाक के नियम?
Mukhtar Ansari Last Rite: पूर्व विधायक और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से हुए निधन के बाद आज उन्हें सुपुर्द ए खाक करने कर दिया। मुख्तार अंसारी के जनाजे में तकरीबन 30 हजार लोग जनाजे में पहुंचे। जिसके बाद
मुख्तार के भाई और सांसद अफजाल अंसारी और गाजीपुर की जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के बीच जबरदस्त बहस हो गई। जानकारी के मुताबिक ये बहस मुख्तार अंसारी की कब्र पर मिट्टी डालने को लेकर हुई है।दरअसल मुख्तार अंसारी के निधन के बाद से ही धारा-144 लागू है। ऐसे में गाजीपुर डीएम का कहना था कि कब्र पर मिट्टी हर कोई नहीं डाल सकता। इस बात पर अफजाल अंसारी ने कहा कि किसी को जनाजे और कब्र पर मिट्टी डालने से कोई नहीं रोक सकता।

आइए जानते हैं कि मुस्लिम धर्म में क्यों मुस्लिम शव को दफनाते हैं और मुर्दों को सुपुर्द ए खाक करने को लेकर क्या नियम हैं ?
क्यों मुस्लिम शवों को दफनाते हैं?
दरअसल धर्म की उत्पति खाड़ी देशों में हुई थी। ज्यादात्तर खाड़ी देश में रेगिस्तान है, जहां लकड़ियों और हरे-भरे वनस्पति की कमी थी। इस वजह से शवों को दफनाया जाने लगा क्योंकि वहां शवों को जलाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
सुपुर्द ए खाक का मतलब
मुस्लमानों में अंतिम क्रिया को सुपुर्द-ए-खाक कहा जाता है। जिसका मतलब होता है। मिट्टी को सौंप देना होता है। खाक का मतलब मिट्टी होता है और सुपुर्द करने का अर्थ होता है हवाले कर देना या सौंप देना। यहूदी, इसाई व इस्लाम धर्म में शवों को मिट्टी में दफनाया जाता है। फारसी में खाक का मतलब मिट्टी होता है।
यह होते हैं सुपुर्द ए खाक के नियम
- जब कोई मुस्लिम व्यक्ति मरता है तो उसका जनाजे उठाने से पहले उसकी आंखें बंद करने, जबड़े पर पट्टी बांधने और शरीर को साफ चादर से ढकने का नियम है। इसके अलावा मृत व्यक्ति को दफनाते वक्त उसके मुंह को मक्का की दिशा की ओर रखा जाता है।

- मुस्लिम धर्म में किसी की मौत के बाद जोर से रोना गलत माना जाता है। मुसलमानों का मानना है कि इससे मृत व्यक्ति की आत्मा को ठेस पहुंचती हैं।
- मुसलमानों में जनाजे से पहले मृतक का परिवार मृत शरीर को अच्छी तरह से धोता है। इसमें धोने वाले वाले लोग भी मुस्लिम होने चाहिए और मृतक के समान लिंग के होने चाहिए। यानी पुरुष को पुरुष ही साफ कर सकता है।
- मुस्लिम पुरुष और महिला को कफन पहनने के भी नियम अलग हैं। एक पुरुष मुस्लिम शव को लपेटने के लिए तीन सफेद चादरें और चार रस्सियों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं महिलाओं को एक ढीली-ढाली बिना आस्तीन की पोशाक पहनाई जाती है और सिर को ढ़का जाता है।
- नमाज-ए-जनाजा के बाद शव को कब्र में दफन किया जाता है। इस तरह से एक मुसलमान की आखिरी रस्म पूरा की जाती है। अंतिम यात्रा के दौरान जोर से रोने या कुरान पढ़ने की अनुमति नहीं होती है।
- दफन किए जाने के बाद कब्र पर मिट्टी डाली जाती है। हर शख्स को तीन बार मिट्टी डालने का नियम हैं। लोगों .लोग अपने दोनों हाथों से मिट्टी डालनी होती है।
- कब्रिस्तान में शव को दफनाने के दौरान किसी भी महिला या बच्चे को कब्र स्थल पर जाने की अनुमति नहीं होती है।



Click it and Unblock the Notifications
