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रमन दिवो क्या है? जिसे बेटे की शादी में थामे नजर आई नीता अंबानी, गुजराती रीति-रिवाज में है महत्व
Raman Divo Anant Ambani Wedding Ritual : अनंत राधिका की विवाह की रस्में शुरु हो चुकी हैं। अनंत के पैरेंट्स नीता और मुकेश शादी से जुड़े हर रस्म और रीति रिवाज का पूरा ध्यान रख रहे हैं। वैसे भी हर कोई जानतो है कि अंबानी अपने रीति रिवाजों को लेकर बहुत ही पारंपारिक है।
अनंत और राधिका की खुशहाल जिंदगी के लिए नीता और मुकेश दोनों ने रीति-रिवाज निभाने में किसी बात की कमी नहीं छोड़ी है। नीता अंबानी ने शादी की हर छोटी-छोटी रस्मों को बहुत ही दिल और खुशियों के साथ सेलिब्रेट किया है। इन्हीं परांपरा में से अनंत राधिका के विवाह के अवसर पर मां नीता अंबानी रमन दिवो थामे नजर आई।

इससे पहले आकाश अंबानी की शादी के मौके पर भी नीता को रमन दिवो थामे देखा गया था। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर रमन दिवो क्या है और गुजराती परांपरा में इसकी क्या अहमियत है?
क्या है रमन दिवो?
गुजराती परांपरा में मंगल कार्यों के लिए जब दीप जलाया जाता है, तो उसे रमन दिवो कहा जाता है। यह दीप शुभता और संपन्नता का प्रतीक है। इस दीप के साथ स्वास्तिक और भगवान गणेश की प्रतिमा साथ में अंकित होती है। जो हर बाधा को दूर कर कार्य कुशलतापूर्ण समाप्त हो जाए बस इसी बात का यह दिया प्रतीक होता है।
गुजराती समाज में विवाह के अवसर पर दूल्हे की मां रमन दिवो को अपने हाथों में लेकर पुत्र के वैवाहिक जीवन के लिए मंगल कामना करती है। यह दीप नकारात्मक ऊर्जा को भी दूल्हे से दूर रखता है और विवाह की सफलता के लिए गणेशजी का आशीर्वाद प्रदान करता है।
गणेश जी शुभ कार्य के बीच कोई बाधा न आए, इसलिए वे अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
गुजराती समाज में है बेहद अहम
रमन दिवो एक प्रकार का मंगलदीप भी है जो न सिर्फ गुजराती समाज में विवाह जैसे मंगल कार्यों के लिए जलाया जाता है बल्कि घर में बच्चे का जन्म होने पर भी रमन दिवो प्रज्वलित किया जाता है। इसके अलावा गृह प्रवेश, विशेष पूजा अनुष्ठान और दिवाली के अवसर पर भी घर में सुख शांति और समृद्धि की कामना के लिए रमण दिवो प्रज्वलित करने की परांपरा है। रमण दिवो वास्तु दोष को भी दूर करता है। इसके लिए ही रमण दिवो में गणेशजी और स्वास्तिक रहता है।
रमन दिवो एक प्रकार का मंगलदीप भी है जिसका प्रयोग गुजराती समाज में न सिर्फ विवाह की रीतियों में होता है बल्कि इसका प्रयोग किसी भी शुभ काम में होता है। घर में बच्चे का जन्म होने पर भी रमन दिवो प्रज्वलित किया जाता है। विशेष पूजा अनुष्ठान और दिवाली के अवसर पर भी घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए रमण दिवो प्रज्वलित किया जाता है। रमण दिवो वास्तु दोष को भी दूर करने का काम करता है। इसके लिए ही रमण दिवो में गणेशजी के साथ स्वास्तिक का प्रतीक बना हुआ रहता है।
हिंदू धर्म में वैसे भी शुभ कार्यों में दीप जलाया जाता है। दीप जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचारण होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।



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