Paris Olympic 2024: ओलंपिक में बॉक्सर क्यों रहते हैं क्लीन शेव? जानें इससे जुड़ा नियम

Paris Olympics 2024: आज से पेरिस ओलंपिक का आगाज हो चुका हैं। हर बार की तरह इस बार भी करोड़ों भारतीयों की आस कुश्ती के खिलाड़ियों पर टिकी हुई है क‍ि वो देश के ल‍िए मेडल जरूर लेकर आएंगे। लेक‍िन क्‍या आपने एक चीज पर गौर क‍िया हैं क‍ि ओलपिंक खेलने वाले बॉक्‍सर हमेशा क्‍लीवशेव ही होते हैं। दरअसल इसके पीछे एक वजह होती है, आइए जानते हैं क‍ि इसके पीछे की वजह।

Why are beards not allowed in Olympic boxing Know The Rules

क्लीन शेव करना क्‍यों हैं जरूरी?

वहीं क्लीन शेव की बात करें तो किसी भी क्लोज-अप या ग्राउंडवर्क में किसी भी बाधा को रोकने के लिए दाढ़ी खिलाड़ी के लिए बड़ी पैदा कर सकती है। कुश्ती में दूसरा प्रतिभागी दाढ़ी होने पर उसे पकड़कर खींच सकता है, जिससे भारी चोट लग सकती है। यही वजह है कि ओलंपिक में कुश्ती के खिलाड़ियों को क्लीन शेव रहने के लिए कहा जाता है। ओलंपियन पहलवानों को एक ही टुकड़े वाला सिंगलेट पहनना होता है जो जांघ के बीच से शुरू होकर उनके पूरे शरीर को ढकता है, वो कलाई, हाथ या टखनों पर पट्टियां नहीं पहन सकते, सिवाय चोट लगने की स्थिति में। उन्हें अंगूठी, कंगन, झुमके जैसे आभूषण पहनने की भी अनुमति नहीं होती है।

इस वजह से रखा जाता है रूमाल

इसके अलावा पहलवानों के ल‍िए एक ओर नियम है क‍ि ओलंपिक पहलवानों को प्रतियोगिता के दौरान रूमाल रखना जरूरी होता है अगर खेल के दौरान क‍िसी को खून आ जाए, तो चेहरे को साफ करने के ल‍िए ओलपियंन के यूनिफॉर्म के साथ एक रूमाल भी रखना जरुरी होता है।

Story first published: Friday, July 26, 2024, 14:46 [IST]
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