Gender Eligibility Test क्‍या है? ओलपिंक में क्‍यों छिड़ा इस पर विवाद, जानें क्या है पूरा मामला?

Gender Eligibility Test : पेरिस ओलिंपिक में महिला बॉक्सिंग में जेंडर को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अभी अल्जीर‍िया की ट्रांसजेडर बॉक्सर इमान खलीफा का मामला थमा नहीं था कि अब एक और ख‍िलाड़ी लिन यू-टिंग के जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्‍ट में फेल होने की खबर सामने आ रही है, लेक‍िन बावजूद इसके लिन यू-टिंग 2 अगस्‍त को अपना मुकाबला खेलेंगी।

आज हम आपको बताएंगे कि आखिर जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्ट क्या होता है और ओलंपिक में क्‍यों इस पर व‍िवाद हो रहा है? क्या सच में कोई पुरुष खिलाड़ी महिला बॉक्सर बनकर खेल में हिस्सा लेता है?

Paris Olympics 2024 What is gender eligibility test in boxing Amid

जेंडर टेस्ट से जुड़ा ताजा मामला

गुरुवार को इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खलीफ के बीच हो रहा था। एंजेलाने मैच के 46 सेकेंड में ही अपना नाम वाप‍िस ले ल‍िया और इस मुकाबले में इमान को जीत म‍िली। दरअसल, इमान को एक साल पहले इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) ने 2023 दिल्ली में हुई विमंस वर्ल्ड चैंपियनशिप में जेंडर टेस्ट में फेल कर दिया था।
वहीं दूसरी और ताइवान की बॉक्‍सर ल‍िन यू-टिंग को शुक्रवार को एक और मुकाबला खेलना है, वही जेंडर टेस्ट में फेल हो गई हैं। हालांकि, इसके बावजूद वह अपना मुकाबला खेलेंगी। अब इन दोनों मामलों के बाद जेंडर टेस्ट को लेकर मुद्दा गरमाता जा रहा है।

जेंडर टेस्ट क्या होता है?

खेलों में जेंडर टेस्ट किसी खिलाड़ी का लिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। इसमें किसी एथलीट में मेल हार्मोन का लेवल पता किया जाता है। संबंधित एथलीट में पुरुष प्रधान हार्मोन तय मात्रा से ज्यादा होने पर उसे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया जाता है।

कौन हैं इमान खेलीफ?

ओलंपिक में भाग लेने वाली 25 वर्षीय खेलीफ अल्जीरिया के टियारेट शहर से आती हैं। इसके अलावा वो यूनिसेफ की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। हालांकि उनके पिता लड़कियों के लिए मुक्केबाजी को सही नहीं मानते थे, लेकिन खेलीफ दुनिया के सबसे बड़े मंच पर गोल्ड मेडल जीतकर नई पीढ़ी को प्रेरित करना चाहती थीं। खेलीफ ने अपने मुक्केबाजी करियर की शुरुआत 2018 विश्व चैंपियनशिप से की थी, जहां वे 17वें स्थान पर रही। वहीं 2021 टोक्यो ओलिंपिक में खेलीफ क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड की केली हैरिंगटन से हार गई थीं। इसके अलावा महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में खेलीफ को एमी ब्रॉडहर्स्ट से हारकर दूसरा स्थान मिला था। लेकिन 2022 में खेलीफ ने अफ्रीकी चैंपियनशिप में गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

पहले भी जेंडर विवाद में फंस चुकी हें इमान

यह पहला मौका नहीं है जब इमान खेलीफ विवादों के घेरे में हैं। 2023 महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पहली बार खेलीफ के लिंग को लेकर विवाद हुआ था। नई दिल्ली में आयोजित इस चैंपियनशिप में IBA ने खेलीफ को जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्ट में डिस्क्वालिफाई किया गया था। क्योंकि उनके मेडिकल टेस्ट में उनका टेस्टेस्टोरॉन लेवल हाई पाया गया था।

कौन हैं ल‍िन यू टिंग

ल‍िन की बात की जाए तो पिछले साल एशियन गेम्स में जीत के बाद पेरिस ओलंपिक के लिए क्वाल‍िफाई किया था। लिन ने 2018 में अपना पहला वर्ल्ड टाइटल जीता था और 2013 में यूथ वर्ल्‍ड चैंपियन बनी थी।

टेस्टोस्टेरोन का लेवल क्या होना चाहिए?

दरअसल, टेस्टोस्टेरोन एक सेक्सुअल हार्मोनल है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर में होती है। मगर पुरुषों में यह हार्मोन महिलाओं से 20 गुना ज्यादा होता है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर रक्त में 10 से 35 नैनोमोल प्रति लीटर माना जाता है महिलाओं के लिए यह 0.5 से 2.4 एनएमओएल प्रति लीटर के बीच होता है।

इंसान में टेस्टोस्टेरोन का लेवल उम्र के हिसाब से कम और ज्यादा होता है. इसमें अगर क‍िसी मे यह हार्मोन ज्‍यादा होता है तो वो उसे हाइपरएंड्रोजेनिज़्म की बीमारी होती है। वहीं महिलाओं में यह हार्मोन ज्‍यादा होने पर यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह बनता है।

डोप‍िंग से जुडा हैं टेस्टोस्टेरोन का कनेक्‍शन

कई रिसर्च में पता चला है क‍ि इंटरनेशनल खेल के दौरान खिलाड़ी टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढाने के ल‍िए प्रतिबंध‍ित दवाईयों का सेवन करते हैं ताकि वो बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें। इस वजह से कई एथलीट का नाम डोपिंग केस में भी आता हैं।

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