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Doomscrolling Addiction: नेगेटिव खबरें मेंटली आपको बना रहीं कमजोर, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

सोशल मीडिया पर नेगेटिव खबरों की भरमार है। जिसने लोगों के मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा असर डाला हुआ है। खासकर कोरोना संक्रमण के बाद लोग नेगेटिव खबरों की तरफ ज्यादा झुकाव दिखाने लगे हैं। लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सिर्फ नेगेटिव खबरों को लेकर ही रिसर्च करते हैं। जैसे किसी बीमारी, जॉब जाने का डर, परिवार में अनबन जैसे नेगेटिव खबरों को ही गूगल पर ज्यादा सर्च किया जाता है। साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर नेगेटिव खबरों से घिरे लोग डूमस्क्रॉलिंग का शिकार होते हैं। आइए जानते हैं क्या है डूमस्क्रॉलिंग और इससे बचने के लिए आप किन तरीकों को अपना सकते हैं।
डूमस्क्रॉलिंग क्या है ?
डूमस्क्रॉलिंग के कारण और इससे बचने के तरीकों के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर ये डूमस्क्रॉलिंग क्या है। डूमस्क्रॉलिंग डूम और स्क्रॉलिंग दो शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। डूम का मतलब होता है विनाश और स्क्रॉलिंग सोशल मीडिया फीड पर स्क्रॉल करना। आसान शब्दों में कहे तो सोशल मीडिया पर नेगेटिव खबरों को ढूंढते रहना। जो आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गलत असर डालता है। इन खबरों को पढ़ने से आपके बॉडी में ऐसे हॉर्मोंस होते हैं, जो आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने के साथ दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरें को भी बढ़ाता है।
लोग क्यों हो रहे डूमस्क्रॉलिंग का शिकार ?
1. आज कल लोगों का झुकाव नेगेटिव खबरों की ओर ज्यादा रहने लगा है। लोगों में बुरी चीजों को देखकर या जानकर नई चीजें सीखने की आदत होती है। लेकिन जब आपका ध्यान पूरी तरह नेगेटिव खबरों की ओर ही हो, तो धीरे-धीरे नेगेटिव खबरें आपके ऊपर हावी होने लगती है।
2. सोशल मीडिया में जैसी चीजें हम देखने लगते हैं, हमारे न्यूज फीड पर वैसी ही खबरें और वीडियो आने लगती है। जिस कारण हम सिर्फ उन्हीं खबरों से घिरे रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर नेगेटिव पोस्ट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहते हैं।
3. आज कल लोग डिप्रेशन और एंजायटी से बचने के लिए सोशल मीडिया पर न्यूज फीड को स्क्रॉल करते रहते हैं। जिस कारण उनकी परेशानी कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ जाती है।
4. सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बीताने से कई लोगों को डूमस्क्रॉलिंग की लत लग जाती है। हर 5 मिनट पर अपना फोन चेक करना, न्यूज फीड पर जाकर वीडियो को स्क्रॉल करना उनकी आदत बन जाती है। जिस कारण नेगेटिव खबरें उनके दिमाग पर हावी हो जाती है।
5. कोरोना के नए वैरिएंट की बात हो या अन्य कोई आपदा लोग समस्या आने से पहले ही उनका समाधान ढूंढने लगते हैं। इस वजह से वो सोशल मीडिया पर उन परेशानियों से जुड़ी बुरी खबरें भी पढ़ने लगते हैं। जो उनके मेंटल हेल्थ पर गलत असर डालती है।
डूमस्क्रॉलिंग से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स
1. मोबाइल यूज करने का अपना समय निर्धारित करें। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने फोन में ऐसे एप डाउनलोड करें जो आपको फोन यूज करने का लिमिट बताएं। इस तरह के एप की मदद से आप हद से ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने से बच पाएंगे।
2. डूमस्क्रॉलिंग से बचने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप डूमस्क्रॉलिंग बढ़ाने वाले सोशल मीडिया एप का यूज करना ही बंद कर दें। अगर आप चाहे तो ऐसे एप को डिलिट भी कर सकते हैं। ताकि आप अपने मेंटल हेल्थ का ध्यान रख सकें।
3. मोबाइल फोन में ज्यादा समय बीताने से अच्छा है कि आप अपने पंसद के काम पर ज्यादा फोकस करें। जब आप अपनी हॉबी को फॉलो करेंगे, तो खुद ही डूमस्क्रॉलिंग की समस्या से खुद को दूर रख पाएंगे।
4. अपना समय फोन पर ज्यादा बीताने के स्थान पर आप अपने दोस्तों से मिलें। ऑफिस के बाद आप अपने पड़ोसियों के साथ भी समय बीता सकते हैं। ऐसा करने से आपकी सोशल लाइफ रियल लाइफ में बेहतर बनेगी और फोन के लत से भी दूरी बनाने में आपको मदद मिलेगी।



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