Latest Updates
-
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम
Vikramaditya Vedic Clock : पीएम मोदी दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का आज करेंगे उद्घाटन, जानें खासियत
Vikramaditya Vedic Clock : पीएम नरेंद्र मोदी उज्जैन में आज (1 मार्च ) दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का लोकापर्ण करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यह घड़ी डिजिटल होगी, लेकिन इसका काम करने का तरीका अलग होगा।
ये पहली ऐसी अनोखी घड़ी है जो काल गणना और ग्रह-नक्षत्र पर आधरित समय बताएगी। आइए जानते हैं आखिर ये विक्रमादित्य वैदिक घड़ी क्या है और कैसे ये काम करेगी और इससे जुड़ी खासियत।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की खासियत
प्राचीनकाल से उज्जैन काल गणना का केंद्र रहा है। दुनियाभर में उज्जैन से निर्धारित और प्रसारित कालचक्र, मूहूर्त यानी समय का पालन किया जाता है अब उज्जैन में दुनिया की पहली बार डिजिटल वैदिक घड़ी लगाई जा रही है। इस अनोखी घड़ी में ग्रीन विच टाइम जोन के 24 घंटों को 30 मुहूर्त बांटा गया है। इस घड़ी में ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्तिथी, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्य उदय, सूर्यास्त, सूर्य व चंद्र ग्रहण के बारे में भी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा यह घड़ी घंटे, मिनट और सेकेंड से जुड़ी जानकारी मिलने के साथ इसमें मौसम और पर्वों से जुड़ी सभी जानकारियां मिलेगी।
48 मिनट का 1 घंटा
इस घड़ी में सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की 30 घंटे की टाइमिंग दिखाई देगी। भारतीय समयानुसार (IST) के आधार पर इसमें 1 घंटा 60 मिनट नहीं बल्कि 48 मिनट का तय किया गया है।
कहां हैं यह वैदिक घड़ी?
यह घड़ी उज्जैन स्थित जंतर-मंतर टावर की पांचवीं मंजिल पर लगाई गई है। यह पूरी तरह इंटरनेट से कनेक्टेड है। सबसे जरूरी बात तो यह है कि इसे दिल्ली IIT के स्टूडेंट ने बनाया है। इसमें 30 घंटे, 30 मिनट एवं 30 सेकंड का समय दिखेगा।

सूर्य ग्रहण व चंद्र ग्रहण भी देख सकेंगे
इस घड़ी में खास ग्राफिक्स तकनीकी का इस्तेमाल किया है। जिसमें हर घंटे अलग-अलग तीर्थस्थलों जैसे अयोध्या का राम मंदिर, कैलाश मानसरोवर, 12 ज्योतिर्लिंग, देश दुनिया के सूर्यास्त और सूर्य ग्रहण व चंद्र ग्रहण के नजारे, राशि चक्र, नवग्रह आदि दिखाई देंगे। यह घड़ी GPS से जुड़ी होगी और इसके पास टेलिस्कोप भी लगाया जाएगा, जहां से खगोलीय घटनाओ का नजारा देखा जा सकेगा।
मोबाइल एप्प से जुड़ी होगी घड़ी
इस घड़ी को मोबाइल और टीवी पर भी सेट किया जा सकेगा। इसके लिए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी मोबाइल ऐप भी जारी किया जाएगा। घड़ी में होने वाले सभी बदलाव को इस एप्प में देख सकेंगे।



Click it and Unblock the Notifications