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समूह में बोलने के डर को ऐसे करें खत्म
क्या किसी समूह में बोलने के दौरान आपको डर लगता है, पसीना छूटता है और आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आप ग्लोसोफोबिया के शिकार हैं।
ग्लोसोफोबिया वास्तव में एक तरह का डर है। अपने बिजेस में तरक्की पाने के और भी कई रास्ते हैं, तो फिर समूह में धाराप्रवाह बोलना क्यों जरूरी है? वह इसलिए क्योंकि, पोडियम पर आकर बोलने से न सिर्फ एक विशेषज्ञ के रूप में आपकी हैसियत बढ़ेगी बल्कि यह आपकी कंपनी की तरक्की में भी फायदेमंद होगा।
अकेले रहते हैं तो करें इन 10 बातों पर अमल
आइए हम आपको सात ऐसे टिप्स देते हैं, जिसकी मदद से आप लोगों के बीच बोलने की डर से छुटकारा पा सकेंगे और अपनी बिजनेस में भी तरक्की कर सकेंगे।
लोगों के बीच बोलने के डर से पार पाने के 7 टिप्स

छोटे स्तर पर शुरुआत करें : अगर आप बोलने के मामले में नए हैं तो छोटे स्तर पर शुरुआत करें। अभ्यास करने के लिए आप अपने दोस्तों और परिवारों की मदद ले सकते हैं। आप छोटे ग्रुप से बोलने की शुरुआत करें और अपने आप को मजबूत बनाएं।
अपने बिजनेस के दौरान मैंने 30 से लेकर 3000 लोगों के समूह को संबोधित किया है। इस दौरान मैंने पाया कि अगर आपको टॉपिक अच्छे से पता है तो बोलने से पहले का डर अपने आप खत्म हो जाता है।
तैयारी : आपको जिस विषय पर बोलना है, उस विषय पर आपकी पर्याप्त जानकारी ही आपके बोलने के डर को कम कर सकती है। बोलने के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न करने के आत्मविश्वास से ही आप अपने श्रोता से जुड़ पाएंगे। किसी बड़े अवसर पर बोलने से पहले अच्छे से रिहर्सल जरूर कर लें। अपने स्पीच को समय के हिसाब से तैयार करें। समय शेष रह जाने की स्थिति में कुछ अतिरिक्त सामग्री भी साथ रखें।
रटें न : कभी भी अपने स्पीच का एक—एक शब्द याद न करें। इससे आप बोलने की कला में कभी भी महारत हासिल नहीं कर पाएंगे। बेहतर होगा कि आप अपने स्पीच के मुख्य—मुख्य बिंदू को याद कर लें और फिर उसे उदाहरण द्वारा समझाएं।
बुलेट से बचें : ज्यादातर बिजनेस प्रेजेंटेशन बोरिंग होते हैं, क्योंकि यह पावरप्वाइंट स्लाइड और बुलेट से भरे होते हैं। ऐसे प्रेजेंटेशन को आप दरकिनार कर दें और अपनी सामग्री को बातचीत के केन्द्र में रखें। अगर आपको पावर प्वाइंट का इस्तेमाल करना ही है तो विजुअल का इस्तेमाल करें। इससे आपका मैसेज आसानी से लोगों तक पहुंचेगा।
तनाव कम करें : स्टेज पर पहुंचने से एक मिनट पहले का क्षण किसी भी प्रेजेंटेशन का सबसे डरावना समय होता है। इससे बचने के लिए आप सुखद परिणाम के बारे में सोचें। साथ ही तनाव को कम करने के लिए और आत्वविश्वास हासिल करने के लिए जोर से सांस अंदर लें।
एक दोस्त तलाशें : स्टेज पर बोलने से पहले अगली पंक्ति में बैठे कुछ श्रोताओं को अपना परिचय दें। बातचीत के दौरान घबराहट को कम करने के लिए और उनसे जुड़ने के लिए इन लोगों की आंखों में आंखें डालें।
श्रोताओं को व्यस्त रखें: स्पीच से बोरियत खत्म करने के लिए अपनी बातचीत को टू वे रखें। इसके लिए आप समूह के लोगों से सवाल पूछें और उनकी भागीदारी को बढ़ाएं। इसका फायदा यह होगा कि अगर आप मुद्दे से भटक रहे होंगे तो आपको अपना स्पीच व्यवस्थित करने का समय मिल जाएगा।



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