Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
मयोंग, असम... जो है भारत में काले जादू की राजधानी
ऐसी कई जगहें हैं जहाँ आपको कई भयानक कहानियां सुनने को मिलेंगीं। हालांकि, हम में से कई ऐसे हैं जो भूत या प्रेत आत्मा में विश्वास नहीं रखते पर ऐसी कुछ कहानियां हैं जो आपके भी रौंगटे खड़े कर सकती है।
लोगों के अनुभव से निकली कुछ कहानियां सुनकर आपको बुरे सपने आ सकते हैं। यहाँ इस आर्टिकल में हम हिंदुस्तान के एक ऐसे गांव की बात करेंगे जहाँ काला जादू का इस्तमाल काफी होता है।
इस गांव को भारत में काले जादू की राजधानी से भी संबोधित किया जाता है और यह जगह काले जादू के अपने रिवाज से भूतहा बना हुआ है। आसाम के "मयोन्ग" नाम के इस गांव के बारे में यहाँ और जानें। आगे पढ़ें।

इस गांव का नाम मयोन्ग क्यों पड़ा?
मया शब्द का अर्थ है भ्रान्ति और मयोन्ग को जादू से जोड़ा जाने लगा क्योंकि यहाँ पर रात दिन काला जादू किया जाता था।

वार्षिक त्यौहार
"मयोन्ग पोबीतोरा" यहाँ का वार्षिक त्यौहार है जो वन्य जीवन और जादू के मेल से बना है। यह तीन दिन का त्यौहार होता है जहाँ जो लोग कला जादू करते हैं वह जुलूस निकालते हैं।

लोग यहाँ सीखने आते हैं
चूँकि, इस जगह को काला जादू की राजधानी भी कहा जाता है, कई शहरों और देशों से लोग यहाँ काला जादू की विद्या सीखने आते हैं।

मयोन्ग सेंट्रल म्यूजियम
इस म्यूजियम की शुरुआत 2002 में हुई और इसमें कई किताबें, पौराणिक वीरकथाएं और काला जादू की पुरानी किताबें भी रखी हैं।

काला जादू कौन करता है
इस गांव में जो लोग काला जादू करते हैं उन्हें "बेज़" या "ओजा" कहा जाता है। ऐसा मानते हैं कि यह लोग इस विद्या को करते समय भूतों को अपने सहायक के तौर पर रखते हैं।



Click it and Unblock the Notifications