Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
Viral : गणेश जी को मांस खाते हुए दिखाए गए इस विज्ञापन पर भड़के लोग..
जहां अभी अभी गणेश फेस्टिवल की धूम खत्म हुई है, वहीं गणेश जी पर बनाए गया एक विवादास्पद वीडियो आग की तरह पूरी दुनिया में फैल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में एक आपत्तिजनक वीडियो पर विवाद पैदा हो गया है, दरअसल ऑस्ट्रेलिया की एड कम्पनी ने You never lamb alone कैम्पेन के तहत एक विज्ञापन में एक टेबल पर भगवान गणेश और अन्य धर्मों के ईश्वरीय रूपों को मेमने के मांस के उपभोग को बढ़ावा देते हुए दिखाया गया है।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में हिन्दू समुदाय ने इस विवादित विज्ञापन को वापस लेने की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया (एमएलए) की ओर से जारी विज्ञापन को पहले ही ऑस्ट्रेलियाई मानक ब्यूरो के संज्ञान में लाया जा चुका है।

इन भगवानों को दिखाया एड में
इस विज्ञापन में गणेश के अलावा यीशु, बुद्ध, थॉर और जीउस को खाने की एक मेज की चारों ओर बैठकर मेमने का मांस खाते हुए देखा जा सकता है. विज्ञापन में कहा गया है कि ‘मेमने के मांस को हम सभी खा सकते हैं.' इंडियन सोसाइटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता नितिन वशिष्ठ ने विज्ञापन को असंवेदनशील करार दिया है।

ये है इस वीडियो में
विज्ञापन में दिखाया गया है कि यह मीट कंपनी हर धर्म को साथ लाती है। एक डाइनिंग टेबल पर सारे भगवान एकजुट हुए हैं और लैंब मीट का जायका चख रहे हैं। MLA कंपनी ने विज्ञापन बनाते समय यह नहीं सोचा कि इस से कितने लोगों की भावनाओं को दुख पहुंच सकता है।

मांस के जरिए दिखाई एकता
आखिरी में टोस्ट करते वक्त कहा जाता है, 'गोश्त के लिए... ऐसा मीट जिसे हम सब खा सकते हैं। ' एमएलए ने इस विज्ञापन के माध्यम से गोश्त को 'भगवान का खाना' बताकर एकता दिखाने की कोशिश की, लेकिन इस विज्ञापन को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। विज्ञापन की टैग लाइन ‘द मीट वी कैन ऑल ईट.' यानी वह मीट जिसे हम सभी खा सकते है।

ऑस्ट्रेलियाई में हिंदू समुदाय ने किया विरोध
भगवान श्री गणेश को मोदक पंसद है और विज्ञापन में मीट पर चर्चा करते दिखाना सच में शर्मनाक है। ऑस्ट्रेलिया में हिंदू समुदाय इसका जमकर विरोध कर रहा है। वहीं भारत में भी इस विज्ञापन की कड़ी निंदा हो रही है। भारतीयों का इस विज्ञापन पर गुस्सा बढ़ता जा रहा है और इसे जल्द से जल्द सोशल साइटस से हटाने के लिए कंपनी से बात की जा रही है।
देखिए वीडियो में ..
ये है वो वीडियो जो आग की तरह लोगों के बीच में वायरल हो रहा है।



Click it and Unblock the Notifications
